शनि अमावस पर शनि धाम तिलवारा घाट में लगेगे 56 भोग होंगे वैदिक अनुष्ठान

जबलपुर दर्पण। शनिवार को शनि अमावस्या महापर्व पर सूर्य ग्रहण के साथ शनि अमावस्या तिथि प्रीति योग चतुष्पाद करण शनि देव अपनी स्व राशि कुंभ में गोचर करेंगे | इस मुहूर्त के शुभअवसर पर तिलवारा घाट में स्थित प्राचीन शनिदेव मंदिर में विशेष पूजन व दिव्य आरती,56भोग एवं विशाल भंडारे का आयोजन किया जा रहा है। व इस अवसर पर शनि देव का दर्शन व पूजन कर सांय काल में शनि अभिषेक में शामिल हो पुण्य लाभ अर्जित करे।
शनिधाम तिलवारा घाट के पं सतीश महाराज ने बताया की हिंदू पंचांग का दूसरे महीने वैशाख का काफी धार्मिक महत्व है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इसी माह में त्रेता युग का आरंभ हुआ था। वैशाख अमावस्या शनिवार के दिन पड़ने के कारण शनिश्चरी अमावस्या या शनि अमावस्या का संयोग बन रहा है। शनिवार के स्वामी शनि देव हैं और अमावस्या के दिन इनका जन्म हुआ था इसलिए अमावस्या तिथि का जब दुर्लभ संयोग बनता है तो शनिदेव महाराज की पूजा करना बेहद फलदायी माना जाता है। शास्त्रों में बताया गया है कि इस दिन पितरों को जल का अर्पण भी दिया जाता है, जिससे पितृगण संतुष्ट होते हैं।
पुराणों में वर्णित है कि शनिदेव की महादशा या साढ़ेसाती से परेशान जातकों को शनि अमावस्या के दिन शनिदेव की पूजा जरूर करनी चाहिए। इस दिन पूजा करने से शनिदेव अति प्रसन्न होते हैं।
इस अवसर पर संस्कारधानी जबलपुर के भक्त जनों से विधि विधान पूर्वक पूजन अर्चना करने का आग्रह पं सतीश जी महाराज, नितिन भाटिया ,संजय तिवारी, पं अनिल मिश्रा ,अखिलेश सोनी, विध्येश भापकर,शुभम तिवारी, हितेश पटेल,शिवा तिवारी ,राज सिंह, गणेश साहू, विजय ठाकुर, राजकुमार पटेल, घनश्याम पटेल,विजय पटेल, मनोज ठाकुर,अशोक साहू, विकास गौतम, मंजू केवट,अभिषेक,ने किया है।



