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कलेक्टर ने मदर्स-डे के उपलक्ष्य में,महिला वसती गृह द्वारा आयोजित कार्यक्रम का किया शुभारंभ

भारतीय संसकृति में सिर्फ एक दिन नहीं बल्कि वर्ष के 365 दिन मां के हैं:कलेक्टर

जबलपुर दर्पण नप्र। मदर्स डे पर कलेक्टर डॉ.इलैयाराजा टी ने राइट टाउन स्थित महिला वसती गृह में आयोजित कार्यक्रम में कमजोर वर्ग की महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए शक्ति आजीविका प्रशिक्षण एवं रोजगार केंद्र का शुभारंभ किया। अखिल भारतीय महिला परिषद द्वारा प्रारंभ किये गये प्रशिक्षण एवं रोजगार केन्द्र में जबलपुर एपरल्स इनोवेशन एंड मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन द्वारा गरीब परिवारों की महिलाओं को 15 दिनों तक रेडीमेड वस्त्रों की सिलाई का नि:शुल्क प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण एवं रोजगार केन्द्र के शुभारंभ के अवसर पर उपायुक्त नगर निगम श्रीमती अंजू सिंह ठाकुर,रोटरी क्लब जबलपुर के अध्यक्ष मनुशरत् तिवारी तथा जयमा के अध्यक्ष अनुराग जैन उपस्थित थे। केन्द्र का शुभारंभ कलेक्टर इलैयाराजा टी एवं उपायुक्त नगर निगम अंजू सिंह ठाकुर ने रिबन काटकर तथा दीप प्रज्वलन कर किया।
कलेक्टर डॉ. इलैयाराजा टी ने शक्ति आजीविका एवं रोजगार प्रशिक्षण केन्द्र के शुभारंभ के मौके पर उपस्थित प्रशिक्षाणार्थी महिलाओं को मातृ दिवस की बधाई देते हुये कहा कि भारतीय संसकृति में सिर्फ एक दिन नहीं बल्कि वर्ष के 365 दिन मां के हैं। उन्होंने इन महिलाओं का उत्साहवर्द्धन करते हुये कहा कि वे अपनी निष्ठा ओर मेहनत से अपने परिवार की आर्थिक तस्वीर बदल सकती हैं। कलेक्टर ने इस अवसर पर प्रशिक्षण एवं रोजगार केन्द्र को 5 सिलाई मशीनें प्रदान करने की घोषण भी की। कार्यक्रम को संबोधित करते हुये इसकी सूत्रधार श्रीमती गीता शरद तिवारी ने कमजोर वर्ग की महिलाओं के रेडीमेड वस्त्रों की सिलाई का दिये जा रहे नि:शुल्क प्रशिक्षण के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अखिल भारतीय महिला परिषद द्वारा प्रशिक्षण केन्द्र की शुरूआत दस सिलाई मशीनों से की जा रही है। सिलाई में दक्ष हो जाने के बाद प्रशिक्षणार्थी महिलायें प्रतिदिन 300 रूपये तक की आय अर्जित कर अपने परिवार को आर्थिक रूप से सक्षम बनाने में सहयोगी बन सकती हैं। श्रीमती तिवारी ने अपने संबोधन में कार्यक्रम में शामिल होने के लिये कलेक्टर डॉ. इलैयाराजा टी का आभार भी व्यक्त किया। कार्यक्रम संयोजक डॉ शशि बाला श्रीवास्तव द्वारा बताया गया कि जयमा के अनुराग जैन के अविस्मरणीय सहयोग को ही आज इस केंद्र को प्रारंभ करने का श्रेय जाता है। कार्यक्रम को सफल बनाने में विशेष रुप से शैलेंद्र जैन का सहयोग रहा।

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