मुख्यमंत्री के समक्ष लेंगे सदस्यता

जबलपुर दर्पण। कांग्रेस के युवा और चर्चित नेता समीर दीक्षित आज अपने समर्थकों के साथ भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने जा रहे हैं| मुख्यमंत्री के नगर आगमन पर आज वह पश्चिम विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आयोजित फ्लाईओवर निर्माण के एक हिस्से के उद्घाटन अवसर पर मुख्यमंत्री के हाथों अपने हजारों कार्यकर्ताओं के साथ भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर लेंगे| सूत्रों के अनुसार कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं से चली आ रही अनबन के कारण समीर दीक्षित ने यह निर्णय लिया है| कुछ समय पूर्व तक समीर दीक्षित कैंट विधानसभा क्षेत्र से टिकट की दावेदारी कर रहे थे | इसी बीच कांग्रेस के अंदर नेताओं के बीच कुछ अंदरुनी समीकरण बिगड़े के बाद यह निर्णय निकलकर सामने आया है|समीर दीक्षित कुछ माह पूर्व से सक्रिय राजनीति और समाज सेवा के कार्यों में गतिशीलता के साथ नजर आने लगे हैं | ब्राह्मण एकता मंच के बैनर तले समीर दीक्षित ने हाल ही में दो बड़े कार्यक्रम आयोजित कर अपनी सामाजिक सक्रियता का परिचय दिया था | सूत्रों के अनुसार समीर दीक्षित सांसद और पश्चिम विधानसभा क्षेत्र से प्रत्याशी बनाए गए राकेश सिंह के माध्यम से भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर रहे हैं| भविष्य में उन्हें पश्चिम में जवाबदारी देकर पार्टी चुनावी कार्य में मैदान में उतारेगी|
25 साल बाद छोड़ रहे पार्टी
समीर दीक्षित 1998 में यूथ कांग्रेस के महामंत्री बने थे उसके बाद एनएसयूआई के जनरल सेक्रेटरी, दिल्ली विश्वविद्यालय चुनाव के प्रभारी, कई अन्य चुनाव में प्रभारी बनाए गए, खजुराहो लोकसभा चुनाव के दौरान भी उन्हें प्रभार सौंप कर पार्टी ने जिम्मेदारियां दी थी| समीर दीक्षित प्रदेश प्रवक्ता के पद पर भी रहे हैं | हालांकि उन्होंने अभी से पहले कभी कोई चुनाव नहीं लड़ा | इस बार उन्हें कैंट विधानसभा क्षेत्र से दावेदार माना जा रहा था| इस बदले समीकरण से कांग्रेस को कितना नुकसान होगा और भाजपा को कितना फायदा होगा यह नजदीक आ चुके चुनाव परिणाम बता देंगे | बहरहाल युवा नेता का कांग्रेस से भाजपा में जाना चर्चा का विषय बना हुआ है और इसे कैंट की राजनीति से जोड़कर देखा जा रहा है| यह बात भी चर्चा में है कि वर्तमान समय में कांग्रेस बहुत बुरे दौर से नहीं गुजर रही है और कई स्थानों पर कांग्रेस की स्थिति अच्छी बनी हुई है |कई रुझान भी कांग्रेस को इस चुनाव में अच्छी स्थिति में बता रहे हैं| इन परिस्थितियों के बीच में कांग्रेस के पुराने युवा नेता का दल बदलना अपने आप में कई चर्चाओं को जन्म दे रहा है|



