हस्त लेखन एक खूबसूरत कला

जबलपुर दर्पण। वी शाईन फाउंडेशन द्वारा ऑनलाइन सत्र का आयोजन अध्यक्ष वैशाली धारिया के संरक्षण मे किया गया विशेष वक़्ता के रूप में आस्था दीक्षित (शिक्षिका) द्वारा संबोधित किया गया, उन्होंने बताया कि हस्तलेखन की सही शुरुआत करने के लिए हाथों से संबंधित खेल जैसे रेत पर आकृति बनाना, बाल धकेलना, रोकना, क्रेयोन को चलाना ताकि बच्चों के हाथों में मजबूती आ जाये आदि से शुरुआत करायें फिर आपको बच्चों को पेंसिल देना चाहिये. पेंसिल का साइज उनके हाथों के मुताबिक सही होना चाहिये, शुरुआत में 2B, फिर HB पेंसिल का उपयोग सही बताया. कुछ बच्चे दायें और कुछ बायें हाथ से लिखते हैं, बायें हाथ से लिखने वाले बच्चों को उनके लिए बनी वर्कशीट का इस्तेमाल करना उचित है. सुंदर हस्त लेखन के लिए अक्षर की शुरुआत कहाँ से की जाये और खत्म कहाँ उसका सही क्रम होना चाहिए. बच्चों को उनके उम्र के अनुसार हैंड राईटिंग ऐक्तिविटी करना चाहिए ताकि उनका रुझान बना रहे. डिसग्राफिया के बारे में बताया यदि बच्चा अक्षर छोटे बड़े और लाईन पर सही नही लिख पा रहा है काफी समय के बाद भी समस्या बनी हुई हो ये सब डिसग्राफिया के लक्षण हैं डिसग्राफिया की समस्या जिन बच्चों को होती हैं उनके माता पिता को बच्चों को धर्य रख कर बच्चों को हस्त लेखन सिखाये उनके लिए तरह – तरह के टूल का प्रयोग करना चाहिए रंग से अक्षर बनाना ब्लैक बोर्ड, स्लेट, आइसक्रीम स्टिक से , छूकर अक्षर पहचानना, मैजिक स्लेट मे अक्षर बड़े फिर धीर धीरे रुल्लिंग पर लिखना, ओरल परीक्षा लेना चाहिये, प्रैक्टिस रोज़ कराना चाहिये. माता – पिता के समय और सहयोग से ही हस्तलेखन कला में बच्चा निपुण बन पाता है l



