पार्किंग, पार्सल वैन एवं पे एंड यूज जैसी एसेट्स की होगी ऑनलाइन नीलामी

जबलपुर दर्पण। भारतीय रेलवे ने प्रचलित ई-नीलामी के अनुरूप भारतीय रेलवे ई-प्रोक्योरमेंट सिस्टम (आईआरईपीएस) के माध्यम से वाणिज्यिक आय और गैर-किराया राजस्व अनुबंधों को इलेक्ट्रॉनिक नीलामी के दायरे में लाने के लिए कदम उठाए हैं। यह नीति प्रौद्योगिकी के उपयोग से आम आदमी के डिजिटल अनुभव को नया कलेवर प्रदान कर रही है। इस नई नीति के साथ, निविदा की कठिन प्रक्रिया को सरल बना दिया गया है। साथ ही, यह युवाओं को ई-नीलामी प्रक्रिया में शामिल होने का अवसर प्रदान करती है। यह नीति जीवन की सुगमता को बढ़ाती है, पारदर्शिता को बढ़ावा देती है और रेलवे में डिजिटल इंडिया की पहल को शामिल करती है। इससे न केवल रेलवे की कमाई बढ़ रही है बल्कि कारोबार सुगमता के लिए किए जा रहे प्रयासों को भी मजबूती मिल रही है।
इसी कड़ी में पश्चिम मध्य रेल के तीनों मण्डलों जबलपुर, भोपाल एवं कोटा में वाणिज्यिक आय, गैर-किराया राजस्व (एनएफआर) अनुबंधों के लिए ई-नीलामी का शुरुआत हो चुकी है। इस नीति के अंतर्गत अर्निंग एसेट्स जैसे आउट ऑफ़ होम, स्टेशन को-ब्रांडिंग, पार्किंग लॉट, पार्सल वैन, स्टेशन पर रेलवे डिस्प्ले नेटवर्क (आरडीएन), मोबाईल एसेट्स, एटीएम, पे एंड यूज टॉयलेट एवं अन्य नॉन फेयर रेवन्यू (एनएफआर) इत्यादि इन परिसंपत्तियों को पोर्टल में मैपिंग करके शामिल किया गया है। अब तक पमरे में भारतीय रेलवे ई-प्रोक्योरमेंट सिस्टम (आईआरईपीएस) के माध्यम से कुल 650 से अधिक एसेट्स क्रिएट किये गए हैं। पश्चिम मध्य रेल में आईआरईपीएस के मध्य से अब तक जबलपुर में 59, भोपाल में 46 एवं कोटा में 25 सहित कुल 130 ने रजिस्ट्रेशन किया। इनमें से जबलपुर के 18 , भोपाल के 11 एवं कोटा के 18 सहित कुल 47 ने बैंकिंग अकॉउंट को आईआरईपीएस के साथ जोड़कर ई-नीलामी के साथ अनुंबध किया। पमरे इस नई ई-नीलामी से जुड़ने की अपील करता है। आने वाले दिनों में इसमें और भी नए आयाम जुड़ेंगे।


