संत रविदास पर नुक्कड नाटक का मंचन

जबलपुर दर्पण। संत रविदास का व्यक्तित्व , उनके वचन , उनका सादा जीवन और उच्च विचार आज भी प्रासंगिक और अनुकरणीय है। वे एक ऐसे ज्योति स्तंभ हैं जिनसे समाज सदैव आलोकित होता रहेगा। उपर्युक्त विचार महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ . फा . वलन अरासू के द्वारा अभिव्यक्त किए गए। संत अलॉयसियस महाविद्यालय के हिंदी विभाग द्वारा दिनांक 19 फरवरी को संत रविदास जयंती के उपलक्ष्य में नुक्कड नाटिका का मंचन किया गया। जाति – पाँति व्यवस्था कर्मशीलता और धार्मिक अंध विश्वास जैसे विषयों पर संत रविदास के दोहों को संवाद रुप में ढालकर नुक्कड नाटिका प्रस्तुत की गई इस अवसर पर उप प्राचार्य डा कल्लोल दास, डॉ रामेन्द्र प्रसाद ओझा, डॉ कैरोलिन सैनी, डॉ . रीना थॉमस, सुश्री श्रेया पटेल, ऋषभ शर्मा, सुमित पांडे, शांभवी भनोट, प्रबल राय, रागिनी नापित, दीपेश सोनी, केशव कुमार , नेहा कुशवाह, अदिति मिश्रा, छवि नायडू, कृष्णा जायसवाल, गंगा चौकसे, अस्मिता वर्मा आदि उपस्थित रहे।



