भागवत में निहित है संसार का समस्त सार

जबलपुर दर्पण। सुविख्यात कथा व्यास दीदी प्रियदर्शिनी ने आज कहा कि श्रीमद भागवत कथा में समस्त संसार का सार निहित है। उन्होंने कहा कि जीवन के प्रत्येक क्षण के उतार-चढ़ाव और दुविधा की स्थिति में भागवत कथा उचित मार्गदर्शन देने में समर्थ है। दीदीजी गोकलपुर सामुदायिक भवन में आयोजित श्रीमद भागवत कथा के तृतीय दिवस प्रवचनमाला में भक्तों से संवाद कर रही थीं। दीदी ने भागवत कथा के महातम्य को सविस्तार सभी के समक्ष रखा। इस दौरान सटीक उदाहरणों द्वारा भी व्याख्या को और अधिक स्पष्टता दी गयी। आज बुधवार को दीदी प्रियदर्शिनी ने भक्त प्रह्लाद के अद्भुत चरित्र को अनूठे ढंग से अभिव्यक्त किया। प्रह्लाद ने अपनी भक्ति भाव से असम्भव को सम्भव बना दिया। इसी क्रम में उन्होंने वामन अवतार की गूढ़ मीमांसा की। इससे पूर्व 13 सितंबर की कड़ी में दीदी ने श्री ध्रुव चरित्र, जड़ भात व अजामिल चरित्र का वर्णन किया। प्रतिदिन प्रातःकाल की बेला में 8 बजे से 1 बजे तक आचार्यगणों द्वारा पूजन व मूल भागवत परायण सम्पन्न किया जा रहा है। ततपश्चात पूर्वान्ह 3 बजे से 6 बजे तक कथा व्यास दीदीजी द्वारा विविध प्रसंगों पर प्रवचन दिए जा रहे हैं। कथा श्रवण के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति रही। उल्लेखनीय है कि पितृ पक्ष के पुनीत अवसर पर श्रीमद भागवत कथा का श्रवण कोटि फलदायक माना जाता है। आज के कार्यक्रम में सन्त श्री पवन दास त्यागी प्रेरणास्रोत शंकर लाल मिश्रा, सतीश सिंह,धीरेन्द्र जाट,अमन यादव,भानू यादव,पंडित हर्षवर्धन,पंडित शिवम पांडे, पंडित अखिलेश पांडे,अमित, नंदकिशोर, विभा, हर्षित, ईश्वर रैकवार, चिंटू जी, अजीत ठाकुर, अभिनन्दन, शिवम, श्रीमती सुनीता यादव, लक्ष्मी यादव, कल्पना पांडे, बबली दीदी, गौरा दीदी, आशा दीदी, ममता दीदी विभा कोष्टा व आरती मिश्रा की विशेष उपस्थिति रही।



