मुख्यमंत्री जी, सुनिए! भूमाफिया का साला, भ्रष्ट ‘डेहरिया’ अब पत्रकार को धमका रहा है – क्या यही है सुशासन

सिवनी जबलपुर दर्पण । मध्य प्रदेश में स्वतंत्र पत्रकारिता को रौंदने की कोशिशें चरम पर हैं! सिवनी के बेखौफ पत्रकार हरीश चंद्र गोलहानी ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को एक धमाकेदार और मार्मिक आवेदन भेजकर जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती मालती मुकेश डेहरिया के पति मुकेश डेहरिया के खुले भ्रष्टाचार, आपराधिक धमकियों और मानहानि का पर्दाफाश किया है। गोलहानी का आरोप है कि भूमाफिया विष्णु जादूगर पर खोजी रिपोर्ट छापने के बाद, खुद को सर्वेसर्वा समझने वाले मुकेश डेहरिया ने उन्हें ‘दलाल’ और ‘ब्लैकमेलर’ कहकर सरेआम बदनाम करने की कोशिश की और जान से मारने की गंभीर धमकी भी दी। यह केवल एक पत्रकार पर हमला नहीं, बल्कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ को भ्रष्ट ताकतों द्वारा कुचलने की शर्मनाक और कायराना साजिश है।
भ्रष्टाचार का गठजोड़ और पत्रकारिता पर क्रूर हमला
मामला तब गरमाया जब हमारे सम्मानित समाचार पत्र ‘दैनिक आज का नव संसार’ ने सिवनी के कुख्यात भूमाफिया और फरार बलात्कार आरोपी विष्णु जादूगर के काले कारनामों को उजागर किया। हैरानी की बात नहीं है कि इस जघन्य अपराधी को जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती मालती मुकेश डेहरिया के पति, मुकेश डेहरिया का सीधा संरक्षण प्राप्त है, जो स्वयं विष्णु जादूगर का साला है। इस सत्यपरक रिपोर्ट से तिलमिलाए मुकेश डेहरिया ने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर निष्पक्ष पत्रकारिता पर सीधा और घृणित हमला बोल दिया। क्या यह वही सुशासन है जिसकी दुहाई प्रदेश सरकार देती है, जहाँ अपराधी और उनके संरक्षक खुलेआम पत्रकारों को धमकाते फिरते हैं?
सोशल मीडिया पर ‘दलाल’ और ‘ब्लैकमेलर’ की बौछार – डेहरिया का घटिया हथकंडा
डेहरिया और उसके गुर्गों ने विभिन्न व्हाट्सएप समूहों पर पत्रकार हरीश चंद्र गोलहानी को खुले तौर पर ‘दलाल’ और ‘ब्लैकमेलर’ जैसे अत्यधिक अपमानजनक और आधारहीन शब्दों से संबोधित किया। यह उनके पेशेवर प्रतिष्ठा को सुनियोजित तरीके से धूमिल करने का एक निंदनीय और कायरतापूर्ण प्रयास था। सिर्फ यहीं नहीं, उन्होंने गोलहानी के सामाजिक बहिष्कार की सार्वजनिक अपील भी की और उन्हें जान से मारने की स्पष्ट धमकी दी। हमारे पास इन सभी व्हाट्सएप संदेशों के ठोस और अकाट्य डिजिटल प्रमाण मौजूद हैं, जो मुकेश डेहरिया की अराजक और आपराधिक मानसिकता को दर्शाते हैं। क्या सोशल मीडिया आज अपराधियों के लिए पत्रकारों को बदनाम करने का नया हथियार बन गया है, और प्रशासन मूकदर्शक बना रहेगा?
“खुद को जिला पंचायत अध्यक्ष समझने वाला” – मुकेश डेहरिया का आपराधिक अहंकार
पत्रकार गोलहानी ने अपने आवेदन में स्पष्ट किया है कि मुकेश डेहरिया का आपराधिक इतिहास बेहद लंबा और शर्मनाक है। वह पूर्व में फर्जी आरटीओ और पुलिस अधिकारी बनकर अपराध करने जैसे गंभीर कृत्यों में लिप्त रहा है। उसके संबंध कुख्यात अपराधियों और खतरनाक व्यक्तियों से हैं, जो उसकी घोर आपराधिक प्रवृत्ति का प्रमाण है। यह व्यक्ति अपनी पत्नी के राजनीतिक पद का दुरुपयोग करते हुए खुद को जिला पंचायत अध्यक्ष समझता है और अपने रसूख का इस्तेमाल कर लगातार भ्रष्टाचार को अंजाम दे रहा है। हमने उसके भ्रष्ट आचरण से संबंधित कई विश्वसनीय खबरें पहले भी प्रकाशित की हैं, जिसके कारण वह पत्रकारिता की आवाज दबाने की लगातार कोशिश कर रहा है। क्या एक भ्रष्ट व्यक्ति को इस तरह से खुलेआम गुंडागर्दी करने की छूट दी जाएगी, सिर्फ इसलिए कि उसकी पत्नी एक राजनीतिक पद पर है?
पत्रकारिता पर हमला, लोकतंत्र पर खतरा – न्याय की अविलंब मांग
गोलहानी ने मुख्यमंत्री से विनम्र निवेदन किया है कि श्रीमती मालती मुकेश डेहरिया, मुकेश डेहरिया और उनके सभी सहयोगियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की मानहानि (धारा 356 BNS), आपराधिक धमकी (धारा 351 BNS), आपराधिक षड्यंत्र (धारा 61 BNS), और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (IT Act) की संबंधित धाराओं के तहत तत्काल FIR दर्ज की जाए। उन्होंने मुकेश डेहरिया के व्यापक आपराधिक रिकॉर्ड और विष्णु जादूगर से उसके सांठगांठ की भी गहन जांच की मांग की है। गोलहानी ने स्पष्ट किया है कि यह केवल एक व्यक्तिगत शिकायत नहीं, बल्कि स्वतंत्र पत्रकारिता के अस्तित्व और लोकतंत्र की रीढ़ पर सीधा हमला है। उन्होंने पुलिस प्रशासन और सभी जाँच एजेंसियों को हर संभव सहयोग देने की प्रतिज्ञा की है। यह समय की मांग है कि अपराधियों पर कठोरतम कानूनी दंड लगाया जाए, ताकि न केवल हरीश चंद्र गोलहानी को न्याय मिले, बल्कि न्याय होता हुआ भी दिखे, उनकी व्यक्तिगत सुरक्षा सुनिश्चित हो, और भविष्य में कोई भी व्यक्ति किसी पत्रकार या समाचार माध्यम की प्रतिष्ठित छवि को इस तरह के दुस्साहसिक और गैरकानूनी तरीके से धमकाने, ब्लैकमेल करने या बदनाम करने का साहस न कर सके।
अतिरिक्त प्रमाण और मुख्यमंत्री से मार्मिक अपील
पत्रकार हरीश चंद्र गोलहानी ने मुकेश डेहरिया द्वारा कुछ समाचार पत्रों में उनके खिलाफ छपवाए गए बेबुनियाद आरोपों की छायाप्रतियां भी संलग्न करने की बात कही है। उन्होंने मुख्यमंत्री से अपने मोबाइल नंबर की जांच कर सत्यता सामने लाने और मुकेश डेहरिया व उसके साथियों द्वारा की जा रही मानसिक पीड़ा और कुंठा भरे शब्दों के उपयोग पर संज्ञान लेने का भी अनुरोध किया है। मुख्यमंत्री महोदय, यह मामला सिर्फ एक पत्रकार का नहीं, बल्कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था और सुशासन की आपकी प्रतिबद्धता की कसौटी है। क्या आप मूकदर्शक बने रहेंगे, जब भूमाफियाओं के संरक्षक और स्वयंभू ‘जिला पंचायत अध्यक्ष’ खुलेआम पत्रकारों को धमका रहे हैं और भ्रष्टाचार कर रहे हैं? प्रदेश को आपसे अविलंब और कठोरतम कार्रवाई की उम्मीद है। धर्म और सत्य की विजय तभी होगी, जब अपराधियों को उनकी सही जगह मिलेगी।



