मध्य प्रदेशसिवनी दर्पण

32 वर्षों से एक ही पद पर जमे धर्मेंद्र सोंधिया पर उठे सवाल

सिवनी जबलपुर दर्पण । प्रदेश सरकार की ट्रांसफर पॉलिसी की धज्जियां सिवनी जिले में किस तरह से उड़ाई जा रही हैं इसका जीता जागता उदाहरण तिलवारा बायी तट नहर संभाग केवलारी जल संसाधन विभाग में देखा जा सकता हैं। जहां एक ही कार्यालय में पिछले 32 वर्षों से धर्मेंद्र सोंधिया सहायक वर्ग 2 अंगद की तरह पैर जमाए डटे हुए हैं। आखिर क्यों 32 वर्षों से पदस्थ बाबू का तबादला नहीं हो पा रहा है इस मामले को लेकर प्रदेश सरकार की तबादला नीति पर सवाल खड़े होने लगे हैं।उल्लेखनीय है कि मध्य प्रदेश शासन की तबादला नीति का पालन जल संसाधन विभाग में नीतिगत नहीं हो रहा हैं।जिसके चलते केवलारी जल संसाधन विभाग के तिलवारा बाई तट नहर संभाग केवलारी कार्यालय में धर्मेंद्र सोंधिया बाबू जो कि पिछले 32 वर्षों से एक ही कार्यालय में जमे हुए हैं उनका तबादला भी अब तक नहीं हो पाया हैं। सोंधिया बाबू जो कार्यालय में स्थापना प्रभारी है इनकी लापरवाही पूर्ण कार्य शैली के कारण नियमित एवं कार्यभारित कर्मचारी जो 2024 के बढ़े हुए महंगाई भत्ते के एरियर्स से आज तक वंचित हैं। 14 करभारित कर्मचारी को समय मान वेतनमान का लाभ नहीं मिला इनमें से कई सेवानिवृत हो चुके हैं स्थाई कर्मियों को सेवानिवृत्ति के बाद आधी अधूरी ग्रेउचुटी इसके द्वारा दी गई स्थाई कर्मी कभी कार्यालय तो कभी पेंशन कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं। नियमित स्थापना, कार्यभारित स्थापना, एवं स्थाई कर्मी जिनकी संख्या लगभग 184 के आसपास है प्रत्येक कर्मचारी अपने-अपने स्वायतों को लेकर परेशान हैं। अपनी न्यायोचित मांगों को लेकर विगत 6 माह से प्रति मंगलवार को पीड़ित कर्मचारी दूर दराज से जिला कलेक्टर कार्यालय जनसुनवाई में आ रहे हैं। परंतु कलेक्टर महोदय के द्वारा अभी तक ना तो किसी समस्या का समाधान कराया गया है और ना हीं समस्या पैदा करने वाले अधिकारी एवं उनके अधीनस्थ बाबू पर कोई कार्यवाही निर्धारित की हैं। डेस्क भेंट कर अपनी नाकामी और भ्रष्टाचार छुपा रहा जल संसाधन विभाग कलेक्टर की जनसुनवाई में मंगलवार को पहुंचे जल संसाधन विभाग के दर्जन भर कर्मचारियों में से शिव प्रसाद भारद्वाज अशोक सोनी ने बताया कि पीड़ित 15 कर्मचारियों ने सी0एम हेल्पलाइन पर तथा दर्जनों बार से ज्यादा जनसुनवाई में विगत 6 माह से अपनी पीड़ा व्यक्त कर रहे हैं कलेक्टर मैडम ने भी 30 मार्च 2025 को प्रभारी कार्यपालन यंत्री को कारण बताओं नोटिस देकर नाराजगी व्यक्त की थी। परंतु कोई कार्यवाही नहीं की गई हम कर्मचारियों की समस्या का समाधान नहीं हुआ। सोधिया बाबू पीड़ित कर्मचारियों को यह कहकर धमकाते चमकाते रहते हैं कि हमारा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता हमने 10 डेस्क खरीद कर कार्यपालन यंत्री विनोद उईके साहब के माध्यम से स्कूल को भेंट कर दिया है ।
जिसका हमारे साहब को प्रशंसा पत्र भी मिला हैं। वास्तव में सोधिया के द्वारा की जा रही चर्चा एवं बातचीत में सत्यता भी नजर है क्योंकि पीड़ित कर्मचारियों की समस्या के निदान के लिए अभी तक विभाग एवं कलेक्टर द्वारा कोई भी कार्यवाही नहीं की गई बल्कि शोषण करने वाले अधिकारी को प्रशंसा पत्र दिया गया और लापरवाही करने को लेकर पूर्व में दिया गया कारण बताओ नोटिस को कूड़ेदान में फेंक दिया गया हैं।

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