सत्संग से होगा लोगों के जीवन में परिवर्तन : संत रामपाल

जबलपुर दर्पण। जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज के सामाजिक और आध्यात्मिक पुनरुत्थान के मूल उद्देश्य को मद्देनजर रखते हुए रविवार को जबलपुर जिले की पनागर तहसील के ग्राम बरौदा में एक दिवसीय सत्संग प्रवचनों का आयोजन किया गया। इस विशाल सत्संग समारोह में टीवी के माध्यम से संत रामपाल महाराज के मंगल प्रवचनों को दिखाया गया, जिसका लाभ सत्संग में पहुंचे श्रद्धालुओं ने हर्षोल्लास से उठाया। इस समागम में विशेष गौर फरमाने वाली बात यह थी कि यहां पर छोटे बड़े अमीर-गरीब सब के लिए एक समान व्यवस्था की गई थी। सभी धर्म, मजहब, जाति के व्यक्तियों के बीच किसी भी प्रकार का कोई भेदभाव देखने को नहीं मिला। संत जी के अनुयाईयों का मानना है कि “जीव हमारी जाति है, मानव धर्म हमारा। हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई, धर्म नहीं कोई न्यारा। सभी धर्मों के सद्ग्रन्थ चारों वेद, अठारह पुराण, श्रीमद्भागवत गीता, कुरान शरीफ, बाइबल, श्री गुरु ग्रंथ साहिब, महाभारत, सुधासागर इत्यादि के आधार से सत्संग प्रवचनों में संत रामपाल ने समाज में व्याप्त तमाम प्रकार की बुराइयों को छोड़ने की प्रेरणा दी गई। सत्संग में बताया गया की चोरी-जारी, ठगी, रिश्वतखोरी, मिलावट, लूटपाट, मारपीट, खूनखराबा, नशा आदि करने से मानव घोर पाप का भागी बन जाता है। जिसका भुगतान उसे नरक तथा 84 लाख प्रकार के प्राणियों के शरीर में कष्ट उठाकर भोगना पड़ता है। सत्संग में अनमोल मनुष्य जीवन की अहमियत तथा इसके मूल उद्देश्य के बारे में भी बताया गया। जिससे लोगों को सतभक्ति करने की प्रेरणा मिली।



