पाटन के प्रगतिशील किसान की कहानी उसी की जुबानी

जबलपुर दर्पण पाटन ब्यूरो। जिले के जबलपुर,कुंडम,सिहोरा व शहपुरा विकासखंडों के कृषकों द्वारा प्रगतिशील कृषक श्री केशरी सिंह ग्राम भुवारा विकासखंड पाटन के खेत का भ्रमण किया गया। कृषकों ने प्राकृतिक खेती आधारित विभिन घटकों की जानकारी ली कृषक केशरी सिंह द्वारा अपने खेत में जीवामृत बनाने की विधि एवम पौधो में जीवामृत प्रदाय करने की तकनीकी को विस्तार पूर्वक बताए। उन्होंने अपने खेत में वेंचुरी के माध्यम से जीवामृत देने की विधि को बताया साथ ही साथ किसानो को प्राकृतिक खेती के अन्य घटक जैसे बीजामृत घन जीवामृत नीमास्त्र ब्रह्मास्त्र अग्नियास्त्र दशपर्नी अर्क के बारे में प्रायोगिक तरीके से विस्तार पूर्वक बताए उनके द्वारा बनाए गए विभिन्न घटकों के फायदो के बारे में विस्तार पूर्वक बताया गया। कार्यक्रम में जिले के उपसंचालक कृषि सह परियोजना संचालक आत्मा डॉ.एस.के.निगम कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ.ए. के.सिंह उप परियोजना संचालक आत्मा यू.के.कटहरे अनुविभागीय कृषि अधिकारी पाटन डॉ. इन्दिरा त्रिपाठी उप परियोजना संचालक आत्मा श्रीमति नविता उरकुड़े व अनुविभागीय कृषि अधिकारी जबलपुर सिहोरा सहायक संचालक कृषि अमित पांडेय वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी पाटन जबलपुर पनागर आत्मा के बी टी एम, ए टी एम व कृषकों की सहभागिता रही। बी टी एम पुष्पेंद्र गौतम द्वारा किसानो को प्राकृतिक खेती का प्रशिक्षण दिया। अनुविभागीय कृषि अधिकारी पाटन डॉक्टर इंदिरा त्रिपाठी द्वारा बताया गया कि कृषक केशरी सिंह के प्राकृतिक उत्पाद को प्रमाणीकरण प्रक्रिया के तहत पंजीयन कराया जायेगा ताकि उनके उत्पाद को अधिक मूल्य पर विक्रय किया जा सके। वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी पाटन श्रीकांत यादव द्वारा आभार व्यक्त किया गया।




