धर्म रक्षक बाल व्यास मानस जी महाराज के चतुर्मास के तैयारी में रहा उल्लास उमंग

कैमूर | ग्राम बहेरी में लक्ष्मी नारायण महायज्ञ के उपलक्ष्य में चातुर्मास की तैयारी में गांव बहेरी प्रतिदिन धर्म रक्षक बाल व्यास मानस जी महाराज के द्वारा गीता भागवत का उद्बोधन भी किया जा रहा है । जिसमें प्रवचन में भागवत के विभिन्न प्रसंगों की व्याख्या करते हुए सत्संग सभा में मौजूद लोगों काे सत्कर्मों की सीख दीया। महाराज जी ने। कहा कि सत्कर्म मानव जीवन की अमूल्य पूंजी है। सत्कर्मों से व्यक्ति महान बनता है। सत्कर्म ही मानव जीवन को ऊंचे शिखर पर पहुंचा सकता है। उसे मुक्ति दिलाने तक की यात्रा सत्कर्म पूरा कराती है। यज्ञ रुपी सत्कर्म संसार को आनंदमय बनाता है एवं दुनिया की सबसे बड़ा औषधालय यज्ञ है इसके सामने होम्योपैथिक ऐलोपैथिक दवा फेल हो जाती हैं इसलिए यज्ञोपैथी का आयोजन अति आवश्यक यज्ञ एवं धर्म से बिचलित होकर हमें कोरोना जैसी बिमारी मिला इसलिए को सफल बनाने में बढ़ चढ़ कर हिस्सा ले रहे हैं यज्ञ में अहम भूमिका निभाते हुए रामेश्वर दुबे ,राम नारायण दुबे,दीना दुबे ,बचुन चौबे , शशी तिवारी, विद्यार्थी दुबे,सुरेन्द्र दुबे,विहारी दुबे ,विनय शंकर दुबे,मुन्ना दुबे, रिन्कु दुबे,मदन दुबे, दयाशंकर दुबे (मुंगेरी)चन्द्रेश्वर चौबे, शिव परशन दुबे, परमानन्द दुबे ,रामाश्रय दुबे, सन्तोष दुबे , मनोज चौवे सुदामा चौवे (सिपाही जी ) कृष्णा चौबे, राजगृही दुबे, जन्मेजय दुबे मनोज दुबे अरविंद दुबे रविन्द्र दुबे एवं कृष्णा चौबे ,राजगृही दुबे, जन्मेजय दुबे, मनोज दुबे अरविंद दुबे, रविंद्र दुबे, सुदामा दुबे, राज किशोर दुबे, मनोज चौबे, विजय बिंद, मनोज सिंह, नंदा शाह, श्याम लाल शर्मा, सुरेंद्र राम, भोला शर्मा ,राज किशोर दुबे, श्री भगवान बिंद, ददन बिंद, मनोज पाल ,तेजबली पाल एवं समस्त ग्रामीण जनता बहेरी.



