जन्म मृत्यु के कष्ट से मुक्ति पाने के लिए तत्वदर्शी संत की शरण होती है जरूरी : रामपाल जी

जबलपुर दर्पण। जबलपुर की तहसील सिहोरा, मझौली समेत 5 तहसीलों में जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज के सत्संग का आयोजन प्रोजेक्ट के माध्यम से किया गया। इस सत्संग में संत रामपाल जी महाराज ने सर्व धर्म शास्त्रों से प्रमाण करते हुए पूर्ण परमात्मा और पूर्णसंत की पहचान बताई। साथ सत्संग में जन्म मृत्यु, वृद्धावस्था के कष्ट से मुक्ति पाने का पूर्ण मोक्ष मार्ग भी बताया गया।
संत रामपाल महाराज ने बताया कि श्रीमद्भागवत गीता अध्याय 15 श्लोक 1-4, 16, 17 में गीता ज्ञान दाता ने कहा है कि जो संत इस संसार रूपी उल्टे लटके हुए वृक्ष के सभी विभागों को वेद अनुसार बता देगा वह तत्वदर्शी संत यानि पूर्णसंत होता है। और पूर्णसंत से नाम उपदेश लेकर पूर्णब्रह्म कबीर साहेब की भक्ति करने से साधक को जन्म मृत्यु के कष्ट से सदा के लिए मुक्ति मिलती है अर्थात पूर्ण मोक्ष होता है। साथ ही पूर्ण ब्रह्म कबीर साहेब की सतभक्ति करने से जीवन में आने वाले कष्टों से भी रक्षा होती है।



