मप्र की जनता एवं ‘विद्युत परिवार के कार्मिकों’ हेतु हानिकारक अभियंता संघ ने मुख्यमंत्री जी के नाम लिखा पत्र

जबलपुर दर्पण। मध्य प्रदेश विद्युत मण्डल अभियंता संघ के महासचिव विकास शुक्ला ने बताया है कि संघ प्रदेश हित, उपभोक्ता हित और विद्युत कर्मियों के हितों के संरक्षण हेतु ज्वाइंट वेंचर के विरोध मे कई माह से संघर्षरत है, मध्य प्रदेश के ऊर्जा विभाग की उत्तरवर्ती कंपनी मध्य-प्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड द्वारा अमरकंटक ताप विद्युत गृह में सेवानिवृत हो चुकी इकाई के स्थान पर नवीन इकाई कि स्थापना हेतु मेसर्स एस.ई.सी.एल. के साथ ज्वाइंट वेंचर के माध्यम से नवीन कंपनी का गठन किया जा रहा है, जिसके गंभीर परिणामों के सम्बन्ध में पूर्व में भी अभियंता संघ द्वारा विभिन्न पत्रों के माध्यम से प्रबंधन एवं प्रशासन को अवगत कराया गया था। तदुपरांत ऊर्जा विभाग द्वारा अभियंता संघ कि प्रस्तुति में दर्शाए गए विभिन्न मशलों को मध्य-प्रदेश उत्पादन कंपनी के प्रबंधन द्वारा अपना जवाब ऊर्जा विभाग को प्रेषित किया जा चुका है, जिसमे उत्पादन कंपनी के प्रबंधन द्वारा अभियंता संघ की प्रस्तुति में उठाए गए बिन्दुओं को विश्लेषण उपरांत सहर्ष स्वीकार किया गया गया है, फिर भी ऊर्जा विभाग की हठधर्मिता के कारण लगातार लिखित अभियंता संघ को दिए गए लिखित आस्वासन के बावजूद ज्वाइंट वेंचर की प्रक्रिया की जा रही है
संघ महासचिव ने पत्र मे लिखा है कि ज्वाइंट वेंचर के माध्यम से इकाई लगाने पर मध्य प्रदेश को रु 133 करोड़ प्रति वर्ष म.प्र शासन पर अतरिक्त वित्तीय भार, मध्य प्रदेश कि जनता को प्रति यूनिट महंगी बिजली, कर्मचारियों के पदोन्नति के रास्ते बंद हो जायेगे तथा विभिन्न अन्य तकनिकी खामियां, आएगी , जिसका नुकसान मध्य प्रदेश शासन को उठान पड़ेगा, जिसका विवरण बार बार दिया जा रहा है । आनन फानन मे किए जा रहे ज्वाइंट वेंचर मे 51 %हिस्सेदारी होने के बावजूद भी समान अनुपात मे निदेशक मंडल न होने के कारण मध्य प्रदेश सरकार का स्वामित्व भी नही रख पा रही है ।



