राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और आत्मनिर्भर भारत पर हुआ ज्ञान उत्सव का आयोजन

जबलपुर दर्पण। शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास महाकौशल प्रांत एवं रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय जबलपुर के संयुक्त आयोजन मैं वैशाख शुक्ल पक्ष अक्षय तृतीया विनायकी चतुर्थी के अवसर पर ज्ञानोत्सव 2080 का उद्घाटन एवं प्रथम द्वितीय तकनीकी सत्र का आगाज हुआ जिसमें उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि माननीय राकेश सिंह जी, सांसद लोकसभा जबलपुर, अध्यक्षता डॉ कपिल देव मिश्रा कुलपति रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय जबलपुर विशेष सानिध्य पूज्य संत मैथिली शरण महाराज जी ,विशिष्ट अतिथि संजय स्वामी जी राष्ट्रीय संयोजक पर्यावरण नई दिल्ली, विशिष्ट अतिथि डॉ अजय तिवारी जी कुलाधिपति स्वामी विवेकानंद विश्वविद्यालय सागर विशिष्ट अतिथि प्रो राम कुमार रजक संरक्षक शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास विशिष्ट अतिथि प्रोफेसर सुरेंद्र सिंह जी प महाकौशल प्रांत संयोजक डॉ राजेंद्र कुरारिया के आतिथ्य में संपन्न हुआ जिसमें ज्ञानोत्सव के उद्देश्य एवं शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास के द्वारा किए जा रहे नवाचार एवं राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और आत्मनिर्भर भारत विषय पर परिचर्चा का आयोजन किया गया। सांसद राकेश सिंह जी ने अपने वक्तव्य में कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 अनेक परिवर्तन और आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए लागू की गई है जिसमें शिक्षक शिक्षा विद्यार्थी शिक्षा पर्यावरण शिक्षा एवं तकनीकी शिक्षा के साथ-साथ कौशल विकास को भी ध्यान में रखा गया है प्राचीन भारत की परंपरा गुरुकुल शिक्षा पद्धति की रही है जिसमें शारीरिक बौद्धिक एवं मानसिक स्तर पर विकास होता है पूज्य संत मैथिली शरण महाराज जी ने बताया कि हम किस प्रकार से सांप्रदायिकता बेरोजगारी क्षेत्रवाद भाषावाद को दूर करते हुए गतिविधि आधारित शिक्षण तथा सूक्ष्म स्कूल शिक्षा संख्यात्मक कौशल विकास सामाजिक व भावात्मक शिक्षकों प्राथमिक देना हमारा दायित्व बनता है आजादी के बाद से ही भारत में शिक्षा का स्तर मैकाले की शिक्षा पद्धति के द्वारा चला आ रहा है वर्तमान में भारतीय शिक्षा संस्कृति संस्कार देने वाली शिक्षा को प्राथमिकता राष्ट्रीय शिक्षा नीति में मिल रही है हम सभी को इस शिक्षा नीति के माध्यम से भारत को आत्मनिर्भर बनाने में विशेष योगदान है। कुलपति कपिल देव मिश्रा जी ने बताया कि व्यक्तित्व विकास की संपूर्ण धारा राष्ट्रीय शिक्षा नीति में समाहित है ज्ञान उत्सव का आयोजन ही इस विषय पर ध्यान केंद्रित करता है की अध्यापकों की भूमिका एवं भारत को आत्मनिर्भर बनाने एवं प्रत्येक विद्यार्थी को कौशल युक्त शिक्षा प्रदान करना एवं उसकी गुणवत्ता में सुधार कर राष्ट्रीय शिक्षा नीति तैयार करना राष्ट्रीय शिक्षा नीति के क्रियान्वयन का मुख्य उद्देश्य सभी को बधाई देते हुए इस आयोजन के लिए आपने सराहना की कार्यक्रम का संचालन डॉ निलेश पांडे प्राचार्य हितकरनी महिला महाविद्यालय ने किया प्रोफ़ेसर बीएल द्विवेदी सह संयोजक शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास, डा आर के द्विवेदी, मनोज पांडे रत्नेश मिश्र विकाश जैन विपुल पाठक राकेश उपपाध्य धर्मेंद्र कुशवाहा दीपक कुशवाहा डा अजय मिश्र का विशेष योगदान रहा। कार्यक्रम में सह आयोजक के रूप में हितकरणी सभा शुख सागर हॉस्पिटल मेकलसुता महाविदलय रॉयल हेरिटेज पब्लिक स्कूल गौतम आई एस एक्डेमी संस्था रही।इस अवसर पर आत्मनिर्भर भारत के अंतर्गत प्रदर्शनी भी लगाई गई जिसमें हितकरणी महिला महाविद्यालय मेकलौता महाविद्यालय कौशल विकास संस्थान दुर्गावती विश्वविद्यालय रहे नवाचार के लिए सिद्धार्थ गौतम ने शॉर्ट टिक से कैसे सामान्य ज्ञान को आसानी से प्राप्त किया जा सकता के बारे में विस्तार से बताया जैसे बालाघाट को बी से याद करने में बी से शुरू होने वाले सभी के लिए ज्ञान ही जायेगा इसी तरह प्रथम के लिए पश्चिम बंगाल को याद किया जाता है वैदिक गणित के लिए प्रमोद श्रीवास्तव द्वारा व्यखायन दिया गया उनने बड़े ही सरल तरीके से गणित की तकनीक को विस्तार से बताया



