नई दिल्लीमध्य प्रदेश

दिव्यांगजनों पर आधारित साहित्य लेखन कार्यक्रम का आयोजन सफलता पूर्वक संपन्न

जबलपुर दर्पण।अनुराग्यम जबलपुर दर्पण। नई दिल्ली के मुख्य मंच पर इस बार एक खास तरह का साहित्य लेखन कार्यक्रम का आयोजन किया गया जो कि दिव्यांग लोगों पर आधारित था। अनुराग्यम द्वारा आयोजित यह आयोजन उन सभी दृष्टि बाधित लोगों को समर्पित था जिन्होंने अपनी कलाओं का प्रदर्शन किया है। वे किसी भी क्षेत्र में चाहे वह कला संस्कृति खेल या कुछ भी हो सभी में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने की क्षमता रखते हैं। जो विशेष रूप से हम सभी के लिए एक प्रेरणा स्रोत है। और हमेशा सभी के दिलों में एक विशेष स्थान रखते हैं।अनुराग्यम की प्रमुख अन्वेषक डॉ तरुणा माथुर द्वारा प्रदत्त विषय ” दृष्टि बाधित लोग ” पर रचनाकारों ने अलग अलग विधाओं में अपनी रचनाएं प्रस्तुत की। इस आयोजन का संचालन संस्था के संस्थापक श्री सचिन चतुर्वेदी, अनुराग्यम की प्रमुख अन्वेषक डॉ तरुणा माथुर समूह प्रभारी मीनू बाला एवं संचालिका सुशी सक्सेना सहित समस्त अनुराग्यम परिवार के द्वारा किया गया। सभी रचनाकारों ने अपनी प्रतिभा का श्रेष्ठ प्रदर्शन किया। इस आयोजन में रचनाकारों को अपनी रचनात्मकता दिखाने और दिव्यांगों के प्रति अपनी भावनाओं को व्यक्त करने के लिए एक अवसर मिला।आयोजन में देश विदेश के श्रेष्ठ रचनाकारों ने उत्साहपूर्वक भागीदारी दिखाई। उन्होंने अपनी रचनाओं में के माध्यम से बताया कि अपने ख्वाबों को पूरा करने के लिए दिव्यांगता कोई बाधा नहीं होती। यह तो एक विशेष क्षमता हैं। दिव्यांग इतने प्रतिभाशाली होते हैं कि उनका धैर्य और विभिन्न क्षेत्रों में उपलब्धियां हम सभी को प्रेरित करती हैं। उन्हें किसी भी तरह की सहानुभूति की आवश्यकता नहीं हैं केवल सुविधा जनक एवं अनुकूल वातावरण ही उनके लिये बहुत हैं।सात रंगों के सपनों की दुनिया तो सबको भाती है।
बड़ी बात तो तब होगी, जब जीवन के इस,
काले रंग को भी हंस के अपना ले कोई।
बनी बनाई राहों पर चलकर मंजिल मिल जाती आसानी से।
बड़ी बात तो तब होगी, पत्थरों का सीना
चीरकर एक नई राह बना ले कोई।प्रतिभागियों को उनकी रचनात्मकता, अभिव्यक्ति और मौलिकता के आधार पर अनुराग्यम के संपादक मंडल द्वारा जज किया गया। सभी को उनके शानदार प्रदर्शन के लिए अनुराग्यम नई दिल्ली द्वारा सम्मान पत्र देकर सम्मानित किया गया।आयोजन के अंत में संस्थापक श्री सचिन चतुर्वेदी जी ने अनुराग्यम की प्रमुख अन्वेषक डॉ तरुणा माथुर, समूह प्रभारी मीनू बाला एवं संचालिका सुशी सक्सेना के सहित सभी रचनाकारों को धन्यवाद देते हुए उनका आभार व्यक्त किया और आयोजन का समापन किया।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

You cannot copy content of this page

situs nagatop

nagatop slot

kingbet188

slot gacor

SUKAWIN88