दिव्यांग बच्चों के लिए अतिरिक्त शिक्षक की जावे व्यवस्था

जबलपुर दर्पण। मध्यप्रदेश अधिकारी कर्मचारी संयुक्त संगठन के जिला अध्यक्ष दिलीप सिंह ठाकुर ने जारी प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से बताया कि लोक शिक्षण संचालनालय स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा दिव्यांग बच्चों हेतु किसी भी प्रकार की पहल ना तो पूर्व में की गयी और ना आज की जा रही है जबकि दिव्यांग अधिकार अधिनियम 2016 तथा शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 प्रभावी रूप से लागू है।
मध्यप्रदेश अधिकारी कर्मचारी संयुक्त संगठन के जिला अध्यक्ष दिलीप सिंह ठाकुर ने आगे बताया कि माननीय मुख्यमंत्री जी म प्र शासन भोपाल द्वारा मुख्यमंत्री आवास पर 29 अप्रैल 2008 को निःशक्त जन महापंचायत आमंत्रित की गयी थी। जिसमें घोषणा क्रमांक 4043 में कहा गया था कि आठ श्रवण बाधित, दृष्टि बाधित एवं मानसिक मंदित वाले बच्चों पर एक विशेष शिक्षक शिक्षा विभाग द्वारा उपलब्ध कराया जावेगा। इस घोषणा की पूर्ति आज दिनांक तक स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा नहीं की गयी। मध्यप्रदेश अधिकारी कर्मचारी संयुक्त संगठन के जिला अध्यक्ष दिलीप सिंह ठाकुर के अनुसार ये दिव्यांग जनों के मौलिक अधिकारों की भी अवहेलना है। दिव्यांग बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा एवं विशेष शिक्षक की व्यवस्था की जाये।
मध्यप्रदेश अधिकारी कर्मचारी संयुक्त संगठन के दिलीप सिंह ठाकुर,जी आर झारिया, अरविन्द विश्वकर्मा, संजय उपाध्याय, शिवेंद्र परिहार, सतीश खरे, भास्कर गुप्ता, विश्वनाथ सिंह, आकाश भील, आदेश विश्वकर्मा, धर्मेंद्र परिहार, नितिन तिवारी, विशाल सिंह, कमलेश दुबे, विष्णु झारिया, राशिद अली, अजब सिंह, सुल्तान सिंह, देवराज सिंह, इमरत सेन, संदीप परिहार, महेश मेहरा, भोजराज विश्वकर्मा, अफ़रोज़ खान, रवि केवट, विशाल सिंह, शैलेश पंड्या, रवि विश्वकर्मा, दिलीप साहू, दुर्गेश खातरकर, बैजनाथ यादव, प्रशांत श्रीवास्तव, विवेक साहू, माधव पाण्डेय, बहादुर पटेल, अजय लोधी, आशीष विश्वकर्मा, बहादुर पटेल, शिव यादव, नारायण गौंड, श्याम सुन्दर शुक्ला, ऋषि पाठक, सुधीर गौर, राकेश मून, पंकज हल्दकार, गंगाराम साहू, भोगीराम चौकसे, अंजनी उपाध्याय, देव सिंह भवेदी, चंद्रभान साहू,पुष्पा रघुवंशी, चंदा सोनी,रेनू बुनकर,अनुराधा नामदेव, संध्या पटेल, मनोरमा ठाकुर, सुनीता जॉर्ज, जया शुक्ला, शारदा मंडाले,अर्चना भट्ट,ब्रजवती आर्मो, राजेश्वरी दुबे, अम्बिका हँतिमारे,दीपिका चौबे,योगिता नंदेश्वर, गीता कोल, भगीरथ परसते, पूर्णिमा बेन, सरोज कोल,कल्पना ठाकुर,प्रेमवती सोयाम, सुमिता इंगले, जागृति मालवीय,समर सिंह, अजय श्रीपाल, सुरेंद्र परसते, भास्कर गुप्ता, ऋषि पाठक, चंद्रभान साहू,आसाराम झारिया,महेंद्र मार्को,पवन सोयाम, रामदयाल उइके, रामकिशोर इपाचे, मदन पांन्द्रो, देवसिंह भवेदी आदि ने मांग की है,कि दिव्यांग बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा एवं विशेष शिक्षक की व्यवस्था शीघ्र -अतिशीघ्र की जाये।



