टाइगर स्टेट के दर्जे के बावजूद टाइगर सफारी प्रोजेक्ट की अनदेखी शहर के साथ गंभीर भेदभावः तरुण भनोत

जबलपुर दर्पण। विदित हो कि कमलनाथ के नेतृत्व में वित्त मंत्री रहते हुए जबलपुर की महत्वाकांक्षी परियोजना डुमना नेचर सफारी की मांग पूरी की गई थी | इस प्रोजेक्ट के लिए न केवल आवश्यक औपचारिकताएं और सहमतियाँ प्राप्त की गई थी, बल्कि बजट वर्ष 2019-20 में इस परियोजना को प्रारम्भिक राशि के रूप में 10 करोड़ रुपये के बजट की भी घोषणा की गई थी | किन्तु, भाजपा द्वारा विधायकों की खरीद-फरोख्त कर आलोकतंत्रिक रूप से प्रदेश की चुनी हुई सरकार को गिराई गई और जबलपुर के विकास के लिए कांग्रेस सरकार के दौरान स्वीकृत सभी परियोजनाओं को राजनैतिक पूर्वाग्रह से ग्रसित होकर शहर के साथ खुलेतौर पर भेदभाव किया जा रहा है | उक्त आरोप प्रदेश सरकार में पूर्व वित्त मंत्री एवं जबलपुर पश्चिम से विधायक श्री तरुण भनोत द्वारा डुमना नेचर सफारी प्रोजेक्ट के अनदेखी के खिलाफ प्रदेश की भाजपा सरकार पर लगाया है |
श्री भनोत ने बताया कि एक तरफ सरकार टाइगर स्टेट के दर्जे को लेकर अपनी पीठ थपथपा रही है वही बजट आवंटन के बावजूद डुमना नेचर सफारी जैसी परियोजना को लेकर जानबूझकर अनदेखी कर रही है, जबकि डुमना में नेचर सफारी के निर्माण से देश के पर्यटन मानचित्र पर जबलपुर को एक नई पहचान मिलेगी | देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को डुमना नेचर सफारी के रूप में एक बेहतर पर्यटन स्थल के साथ जबलपुर में ठहरने का अवसर मिलेगा | डुमना नेचर सफारी से आकर्षित पर्यटकों के आवागमन से स्थानीय स्तर पर बेरोजगार नौजवानों को स्व-रोजगार सृजन का अवसर मिलेगा और शहर की एक बड़ी आबादी सीधे तौर पर इस परियोजना के पूरा होने से लाभान्वित होंगी |
श्री भनोत ने डुमना नेचर सफारी के कार्यों को अविलंब शुरू करने के लिए स्थानीय स्तर पर सभी जनप्रतिनिधियों से अपील की है | उन्होंने बताया कि चुनाव को अभी समय है, जब चुनाव में होंगे तो एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप भी लगेंगे और लगाये जाएंगे, किन्तु शहरहित में विकास-कार्यों के लिए सभी को एकजूटता के साथ प्रयास करने होंगे ताकि राजनैतिक दलों की आंतरिक राजनीति से शहर का नुकसान ना हो |



