मैहर जनपद पंचायत में बीपीएल गरीबी रेखा में बड़ा फर्जीवाड़ा!

मैहर जबलपुर दर्पण । मैहर जिले से एक बड़ा घोटाला उजागर हुआ है। शिकायतकर्ता नागेंद्र तिवारी,मैहर ने आरोप लगाया है कि जनपद पंचायत मैहर में तत्कालीन मुख्य कार्यपालन अधिकारी वेदमणि मिश्रा, बीपीएल प्रभारी दीपक मिश्रा और आर.एन. शर्मा सहित अन्य जिम्मेदार अधिकारियों ने मिलकर बीपीएल सूची में लगभग 10 हज़ार फर्जी नाम शामिल कर दिए।यह पूरी प्रक्रिया नियम विरुद्ध थी – न तो तहसीलदार और न ही न्यायालय की स्वीकृति ली गई। सीधे तौर पर बीपीएल सूची में अवैधानिक नाम जोड़ दिए गए, जिससे फर्जी लाभार्थियों ने वर्षों तक सरकार की योजनाओं का गलत फायदा उठाया। इस घोटाले से शासन को करोड़ों रुपए की आर्थिक क्षति पहुँची है।शिकायत क्रमांक 1542/25, 01372/2025 पहले ही कलेक्टर मैहर तक पहुँच चुकी थी, जिस पर अब आर्थिक अपराध प्रकोष्ठई ओडब्ल्यू भोपाल ने कार्रवाई शुरू कर दी है। सहायक महानिरीक्षक (अपराध) पल्लवी त्रिवेदी ने कलेक्टर और अपर कलेक्टर मैहर को आदेशित किया है कि संलग्न 211 पन्नों की फर्जी सूची का परीक्षण कर सत्यापन किया जाए।अपात्र पाए जाने वाले नाम तुरंत बीपीएल सूची से हटाए जाएं।दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों से शासन को हुआ आर्थिक नुकसान वसूला जाए।पूरी जांच रिपोर्ट एक माह के भीतर ईओडब्ल्यूभोपाल को भेजी जाए।इस घोटाले ने मैहर की पंचायत व्यवस्था की पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। गरीबों का हक लूटकर फर्जी लाभार्थियों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने वाले अफसरों और कर्मचारियों पर अब कड़ी कार्रवाई की तलवार लटक रही है।जनता पूछ रही है – क्या मैहर प्रशासन दोषियों पर कठोर कार्रवाई करेगा या मामला हमेशा की तरह फाइलों में दब जाएगा? वहीं सूत्रों के अनुसार, आने वाले दिनों में इस बीपीएल फर्जीवाड़े पर ईओडब्ल्यूकी सबसे बड़ी कार्यवाही मैहर से शुरू हो सकती है।



