गीता का उपदेश शाश्वत सत्य: स्वामी नरसिंह दास जी महाराज

जबलपुर दर्पण। गीता का शाश्वत ज्ञान हर जीव के लिए है । हर संशय का समाधान सिर्फ गीता में है।अहंकार का दंभ मिटाने के लिए निरंतर गीता उपदेश पालन करना चाहिए। सबसे समान रूप से प्रेम करना चाहिए सर्व कल्याण के कार्य करना चाहिए, गीता का नित्य पाठ करने से जीवन सरल हो जाता है और सरलता से उत्थान विकास होता है। उक्त उद्गार नरसिंह मंदिर में गीता जयंती समारोह में नरसिंह पीठाधीश्वर डॉक्टर स्वामी नरसिंह दास जी महाराज ने कहे । गीता का जन्म ही कुरूक्षेत्र में धर्म की स्थापना के लिए हुआ है।
गीता उपदेश का पालन करते हुए ही भारत विश्वगुरू है। भारत निष्काम भाव से विश्व कल्याण के लिए निरंतर प्रयास करता है। गीता का हर श्लोक अकाट्य प्रमाण है जिनकी व्याख्या और मनन करना चाहिए उक्त उद्गार राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत प्रचारकब्रजकांत जी ,डा प्रदीप दुबे ने भी सम्बोधित किया गीता जयंती समारोह में नरसिंह पीठाधीश्वर डॉक्टर स्वामी नरसिंह दास जी महाराज, डा मुकुंद दास जी महाराज, डॉ हनुमान दास जी महाराज, आचार्य वासुदेव शास्त्री,आचार्य रोहित दुबे, श्याम साहनी, अशोक मनोध्या गुलशन मखीजा,आचार्य अनूप देव महाराज,आचार्य जगत देव मिश्र, दीप नारायण शास्त्री, आचार्य नर्मदा प्रसाद शास्त्री, लालमनि मिश्र, श्याम सिंह, अखिल चौरसिया,डा दीपक बहरानी, शरद अग्रवाल, विष्णु पटेल,विध्येश भापकर, राजेन्द्र प्यासी, जवाहर महाजन, अशोक दुबे, राजेन्द्र यादव , रमेश शर्मा, देव मिश्र, लोकराम कोरी पूजन अर्चन किया।
वैदिक आचार्यों के साथ बाल
विद्यार्थी ने किया गीता पाठ
आचार्य रामफल शास्त्री , वैदिक आचार्यों श्रीराम वेद वेदांत विद्यालय, गीता धाम वेदांत विधालय के ,108 विद्यार्थीयों ने श्रीमद्भगवतगीता के संपूर्ण 18 अध्यायों का सस्वर पाठ किया। गीता परिषद की , अशोक मनोध्या,शिवकली मालवीय ने आभार धन्यवाद ज्ञापन किया।



