व्यंग्य सम्राट हरिशंकर परसाई की जंयती पर कार्यक्रम का आयोजन

जबलपुर दर्पण । महाविद्यालय में स्वामी विवेकानंद कॅरियर मार्गदर्शन योजना के अंतर्गत व्यंग्य सम्राट हरिशंकर परसाई की जंयती पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में प्रो. अरुण शुक्ल, संभागीय नोडल अधिकारी, जबलपुर संभाग ने बताया कि हिंदी व्यंग्य साहित्य के अध्ययन से विद्यार्थियों की भाषा शैली एवं व्यक्तित्व कला में निखार आता है। परसाई जी ने व्यंग्य विद्या को साहित्यिक प्रतिष्ठा प्रदान की । ’वैष्णव की फिसलन’ प्रसिद्ध व्यंग्यकार हरिशंकर परसाई की श्रेष्ठ रचनाओं का संकलन है। परसाई जी के वाक्य छोटे-छोटे एवं व्यंग्य प्रधान हैं। संस्कृत शब्दों के साथ-साथ उर्दू एवं अंग्रेजी शब्दों का प्रयोग भी वे पर्याप्त मात्रा में अपनी व्यंग्य रचनाओं में करते थे। कार्यक्रम में परसाई जी की प्रमुख रचनाएॅं हंसते है, रोते है, भोलाराम की जीव, तट की खोज, रानी नागफनी की कहानी आदि के बारे में विद्यार्थियों को बताया गया।
इस अवसर पर डॉ. महेन्द्र कुशवाहा, डॉ. तरूणेन्द्र साकेत, डॉ. ज्योति जुनगरे, डॉ. शिवचंद्र वल्के के साथ महाविद्यालय के 54 विद्यार्थी उपस्थित रहे।



