जॉय स्कूल विजय नगर पर नियम उल्लंघन का आरोप, लीज शर्तों का किया गया उल्लंघन

जबलपुर दर्पण । जॉय स्कूल विजय नगर को जबलपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) द्वारा 25 अप्रैल 1999 को प्राथमिक विद्यालय संचालित करने के उद्देश्य से 30 वर्ष के लिए भूखंड लीज पर आवंटित किया गया था। यह भूखंड रियायती दर पर सामाजिक और शैक्षणिक कार्य हेतु बिना लाभ कमाने के उद्देश्य से आवंटित किया गया था। जॉय एजुकेशन सोसाइटी ने इस भूखंड का आवंटन प्रायमरी स्कूल संचालित करने के लिए प्राप्त किया था। हालांकि, आरोप है कि स्कूल ने इस लीज की शर्तों का उल्लंघन करते हुए कक्षा एक से बारहवीं तक का संचालन अवैध रूप से किया है, जबकि लीज केवल प्रायमरी स्तर के लिए थी। इतना ही नहीं, जेडीए द्वारा बनाए गए लीज समझौते में यह स्पष्ट रूप से कहा गया है कि भूखंड का उपयोग केवल प्रायमरी स्कूल के लिए ही किया जाएगा। इसके बावजूद, पिछले 22 वर्षों में हुई समिति की बैठकों में जेडीए के कार्यपालिक यंत्री को आमंत्रित नहीं किया गया, जो कि समिति के सदस्य होते हैं। इसके अतिरिक्त, जॉय एजुकेशन सोसाइटी पर आरोप है कि उसने भूखंड संख्या 1950 में एक आलीशान भवन का निर्माण किया है, जिसका निर्माण संस्था अध्यक्ष विमला मेबन के नाम पर किया गया और उनके निधन के बाद यह संपत्ति अखिलेश मेबन द्वारा उनकी पत्नी नीतू मेबन के नाम पर कर दी गई। इस आलीशान भवन में करोड़ों रुपए की संपत्ति और विलासिता की सुविधाएं होने का आरोप भी है, जिसका जॉय स्कूल और संबंधित सोसाइटी की गतिविधियों से संबंधित चल रही जांच के दौरान खुलासा हुआ है।



