अमृत भारत स्टेशन योजना: 508 रेलवे स्टेशनों का बदलेगा स्वरूप

अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत 508 रेलवे स्टेशनों का कायाकल्प होने जा रहा है। पीएम मोदी 6 अगस्त को देश भर के 508 रेलवे स्टेशनों के पुनर्विकास की आधारशिला रखेंगे। ये स्टेशन 27 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में फैले हुए हैं। कार्यक्रम के मुताबिक इसमें कहा गया है कि देश भर में 1309 स्टेशनों के पुनर्विकास के लिए अमृत भारत स्टेशन योजना शुरू की गई थी।
24,470 करोड़ से अधिक की लागत से तैयार होंगे स्टेशन-दरअसल पीएम मोदी सुबह 11 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से 508 स्टेशनों के पुनर्विकास की आधारशिला रखेंगे। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत 24,470 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से स्टेशनों का पुनर्विकास किया जाएगा। ये 508 स्टेशन 27 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में फैले हुए हैं, जिनमें उत्तर प्रदेश और राजस्थान में 55-55 स्टेशन, बिहार में 49, महाराष्ट्र में 44, पश्चिम बंगाल में 37, मध्य प्रदेश में 34, असम में 32, ओडिशा में 25, पंजाब में 22, गुजरात और तेलंगाना में 21-21, झारखंड में 20, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में 18-18, हरियाणा में 15 और कर्नाटक में 13, चंडीगढ़ में 8, केरल में 5, दिल्ली, त्रिपुरा, जम्मू और कश्मीर तथा उत्तराखंड में 3-3 जबकि हिमाचल प्रदेश, मेघालय, नागालैंड और पुदुचेरी में 1-1 स्टेशन शामिल हैं।
स्थानिय संस्कृति, विरासत से प्रेरित होंगे स्टेशन-योजना के तहत शहर के दोनों किनारों के उचित एकीकरण के साथ इन स्टेशनों को ‘सिटी सेंटर’ के रूप में विकसित करने के लिए मास्टर प्लान तैयार किए जा रहे हैं। यह एकीकृत दृष्टिकोण रेलवे स्टेशन के आसपास केंद्रित शहर के समग्र शहरी विकास की समग्र दृष्टि से प्रेरित है। स्टेशन भवनों का डिजाइन स्थानीय संस्कृति, विरासत और वास्तुकला से प्रेरित होगा। इसके साथ ही यह रेलवे स्टेशन आधुनिक यात्रियों की सुविधाओं को ध्यान में रखकर तैयार किए जाएंगे। स्टेशन भवनों का डिजाइन स्थानी संस्कृति, विरासत और वास्तुकला से प्रेरित होगा। यह रेलवे स्टेशन उस शहर या स्थान की खूबसूरती को प्रदर्शित करेगी।
रेलवे स्टेशनों को बनाया जाएगा सिटी सेंटर्स-सरकार रिडेवलपमेंट के जरिए रेलवे स्टेशनों में यात्रियों के लिए सभी आधुनिक सुविधाएं मुहैया करवाने वाली है. रेलवे स्टेशनों का डिजाइन विदेशों में मौजूद हाइ-फाइ रेलवे स्टेशनों की तरह होगा. इतना ही नहीं इनके डिजाइन में स्थानीय संस्कृति और वास्तुकला को भी जगह दी जाएगी. इन रेलवे स्टेशनों को सिटी सेंटर्स के रूप में रिडेवलप किया जाएगा।



