स्मैक का काला कारोबार सतना पुलिस की चुप्पी पर उठे सवाल, नवागत सीएसपी पर टिकी निगाहें

सतना जिले में स्मैक जैसे घातक नशे का जाल तेजी से फैलता जा रहा है, और यह युवाओं के भविष्य के लिए एक गंभीर संकट बनता जा रहा है। चिंता की बात यह है कि शहर के कई क्षेत्रों में खुलेआम स्मैक की बिक्री हो रही है, लेकिन पुलिस की निष्क्रियता और चुप्पी अब सवालों के घेरे में है। उमरी, नई बस्ती और धवारी में सक्रिय नेटवर्कप्राप्त सूत्रों के अनुसार, सिविल लाइन थाना क्षेत्र के उमरी इलाके में एक महिला द्वारा खुलेआम स्मैक बेचे जाने की जानकारी है, फिर भी अब तक कोई सख्त कार्रवाई सामने नहीं आई है। कोलगवां थाना अंतर्गत नई बस्ती में भी स्मैक बिक्री की पुष्टि सूत्रों द्वारा की गई है। हैरानी की बात यह है कि स्थानीय पुलिस को इसकी जानकारी होने के बावजूद कार्रवाई नहीं की जा रही।वहीं धवारी क्षेत्र में तो इस अवैध व्यापार का दायरा और भी बढ़ चुका है, जहां घर पहुंच सेवा के माध्यम से स्मैक की आपूर्ति की जा रही है। यह दावा किया गया है कि यहां फोन पर बुकिंग लेकर नशा वितरित किया जा रहा है।पुलिसकर्मियों पर गंभीर सवालशहर के तीन प्रमुख थाना क्षेत्रों में नशे की आपूर्ति में कुछ पुलिसकर्मियों की संदिग्ध भूमिका की चर्चा भी जोरों पर है। सूत्र बताते हैं कि वरिष्ठ अधिकारियों को इसकी जानकारी होने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है, जिससे आम जनता में पुलिस की निष्पक्षता को लेकर संदेह पैदा हो रहा है।आईजी के निर्देश, फिर भी कार्रवाई का अभावरीवा रेंज के आईजी श्री गौरव राजपूत ने हाल ही में मादक पदार्थों के खिलाफ विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए थे, लेकिन स्थानीय स्तर पर इन निर्देशों को गंभीरता से लेते हुए अब तक कोई सख्त कदम नहीं उठाया गया है। युवाओं को नष्ट कर रही यह स्मैक अब स्लो पॉइजन नहीं, बल्कि खुलेआम जहर बनती जा रही है।नवागत सीएसपी के सामने चुनौतीइन हालातों के बीच शहर में हाल ही में पदस्थ हुए नवागत सिटी एसपी पर सभी की निगाहें टिकी हैं। अब यह देखना अहम होगा कि वे इस गंभीर मामले पर कितनी सख्ती और पारदर्शिता के साथ कार्रवाई करते हैं। क्या वे इस काले कारोबार की जड़ तक पहुँच पाएंगे?जनता की उम्मीदें और प्रशासन की जिम्मेदारीसतना की जागरूक जनता अब पुलिस और प्रशासन से ठोस कार्रवाई की अपेक्षा कर रही है। नशे के खिलाफ एक सख्त और सुनियोजित अभियान ही इस बढ़ती हुई समस्या पर लगाम कस सकता है। वरना आने वाले समय में यह सामाजिक संकट और विकराल रूप ले सकता है।



