टूटी सड़कों और नालियों में पनप रहा संकट ,नगर की बदहाल व्यवस्था पर उठते सवाल

सिहोरा नगर की बुनियादी सुविधाएं इन दिनों बदहाली का शिकार हैं। नगर की सड़कों, नालियों और स्वच्छता व्यवस्था की हालत चिंताजनक बनी हुई है। नगर के कई मोहल्लों में वर्षों से टूटी पड़ी सड़कें और जर्जर नालियां प्रशासन की लापरवाही की कहानी खुद बयां कर रही हैं। शहर के वार्डों में कई जगह जल निकासी की उचित व्यवस्था नहीं है। लंबे समय से जमी गंदगी और बंद पड़ी नालियों में मच्छरों का प्रकोप इस कदर बढ़ चुका है कि डेंगू, मलेरिया जैसी बीमारियों का खतरा मंडरा रहा है। इसके बावजूद नगर पालिका के जिम्मेदार इंजीनियर और अधिकारी आंख मूंदे बैठे हैं।
मोटा वेतन, लेकिन जिम्मेदारी से दूरी स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि नगर परिषद में पदस्थ इंजीनियर और अधिकारी केवल कार्यालय तक सीमित रह गए हैं। मोटा वेतन भले ही लिया जा रहा है, पर काम के नाम पर सिर्फ दिखावा और वाहवाही चल रही है। न तो निरीक्षण किया जा रहा है और न ही फील्ड में वास्तविक समस्याओं का समाधान।
नियमित सफाई भी नहीं हो रही
शहर में नियमित सफाई व्यवस्था चरमराई हुई है। कचरा उठाने की गाड़ियों की अनियमितता, कर्मचारियों की लापरवाही और जिम्मेदारों की उदासीनता ने लोगों का जीना दूभर कर दिया है। वार्डों में कचरे के ढेर और सीवर ओवरफ्लो होना अब आम बात हो गई है।
जनता की मांग – हो स्थलीय निरीक्षण और ठोस कार्यवाही
स्थानीय नागरिकों, समाजसेवियों और व्यापारी संगठनों ने मांग की है कि नगर में एक बार फिर से स्थलीय निरीक्षण कर तत्काल सुधार कार्य प्रारंभ किया जाए। यदि जल्द ही उचित कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले बरसात के मौसम में हालात और बदतर हो सकते हैं।



