जिलाधीश के पास आवेदनो को पहुंचने से किया जाता हे ,वंचित जिला कलेक्टर की लोक जनसुनवाई,सह जनसंवाद कार्यक्रम मे आवेदक का आवेदन को किया गोलमाल

ढीमरखेड़ा जबलपुर दर्पण । कटनी जिले की अंतर्वेद पंचायत मे जिला कलेक्टर की लोक जनसुनवाई,सह जनसंवाद कार्यक्रम पांच जून गुरुवार को था,जिसमे लगभग 102 आवेदकों के आवेदन आये और मान्यनीय कलेक्टर महोदय द्वारा शिकायतों का जनसंवाद करते हुए सम्बन्धित अधिकारीयों को शिकायत का निराकरण करने के लिए प्रेषित किया गया। जिसमे एक मामला देंगवां पंचायत से आये राजू सिंह पिता दर्सन सिंह का आवेदन था , राजू सिंह ने बताया की मेने अपने आवेदन का पंजीयन कराया ,जिसका पंजीयन क्रमांक 52 था,लेकिन मे कर्मबद्धता के इंतजार मे बैठा रहा लेकिन मेरे आवेदन से मेरे को नही बुलया गया,जब पता किया तो मेरा आवेदन हि गोल कर दिया गया था। जिसमे ग्राम पंचायत के भृष्ट कार्यो की शिकायत मान्यनीय कलेक्टर महोदय के सामने प्रस्तुत करना था ,जिसे सरपंच ,सचिव के सम्बन्धित अधिकारी, कर्मचारियों द्वारा आवेदन को गोलमाल करते हुए जिलाधीश के पास पहुंचने से वंचित किया गया। आवेदन इस प्रकार था महंगवा, देगवा ग्राम पंचायत के ग्रामीणों द्वारा महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम परियोजनाओं के कार्यान्वयन में कथित भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के बारे में लिखा गया एक शिकायत पत्र है। ग्रामीणों ने सरपंच, सचिव और इंजीनियर पर निर्माण परियोजनाओं के लिए निर्धारित धन का दुरुपयोग करने और धमकी देने और झूठे आरोप लगाने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि विभिन्न अधिकारियों को सूचित करने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई हैग्रामीणों के खिलाफ भ्रष्टाचार और धमकियों के बारे में शिकायत है।
धमकी और भय- भ्रष्टाचार की शिकायत करने पर शिकायतकर्ताओं को कथित तौर पर जान से मारने की धमकी और झूठे आरोप लगाने सहित कई धमकियां मिल रही हैं। वे डरे हुए हैं।
कार्रवाई का अभाव – यदि अधिकारी एक सप्ताह के भीतर कार्रवाई नहीं करते हैं तो ग्रामीण जिला कार्यालय पर विरोध प्रदर्शन करेंगे।
विशिष्ट आरोप- एक माध्यमिक विद्यालय में 80 मीटर की चारदीवारी बनाई गई, लेकिन भुगतान 110 मीटर का किया गया।तालाब के नाम पर फर्जी बिलों के जरिए 1.91 लाख रुपये का गबन कर लिया गया, जबकि वास्तव में कोई काम नहीं हुआ।कार्य कोड WH/22012034445433 है, तथा बिल संख्या 436 है।गांव में विभिन्न ग्रामीण विकास परियोजनाओं से संबंधित कथित वित्तीय अनियमितताओं और धन के दुरुपयोग का विवरण प्रस्तुत है।
धन का दुरुपयोग – इसमें आरोप लगाया गया है कि नाला सौंदर्यीकरण और तालाबों के जीर्णोद्धार जैसी परियोजनाओं के लिए आवंटित धनराशि का गबन किया गया, जबकि जमीनी स्तर पर कोई वास्तविक कार्य नहीं किया गया।



