खैरी ग्राम पंचायत में भ्रष्टाचार चरम पर , रोजगार सहायक की मनमानी जारी, शिकायतों पर नहीं हो रही कार्यवाही

सीधी जबलपुर दर्पण । आदिवासी बाहुल्य जनपद पंचायत कुशमी अंतर्गत ग्राम पंचायत खैरी में पदस्थ रोजगार सहायक की मनमानी थमने का नाम नहीं ले रही है। लिहाजा रोजगार सहायक के नित नए कारनामे सामने आ रहे हैं। जिनकी शिकायतें भी ग्रामीणों द्वारा कलेक्टर जनसुनवाई सहित सीएम हेल्पलाइन नंबर पर दर्ज कराई गई है। लेकिन शिकायतों पर कार्यवाही तो दूर उल्टा रोजगार सहायक द्वारा शिकायतों को फर्जी तरीके से बंद करवा दिया जाता है। लिहाजा रोजगार सहायक अपनी मनमानी करने से बाज नहीं आ रहा है। ग्रामीणों द्वारा बताया गया कि रोजगार सहायक द्वारा ग्राम पनखोरा के नाम पर स्वीकृत किए गए पर्कोलेशन टैंक जिसकी अनुमानित लागत 199432.00 लाख रुपए है। जिसे रोजगार सहायक द्वारा अपने घर के पीछे अपने सगे संबंधियों के जमीन पर जेसीबी मशीन द्वारा खोदवा दिया गया है। जिसका बोर्ड भी निर्माण स्थल पर लगा है। इतना ही नहीं उसी बोर्ड के दूसरे तरफ पर्कोलेशन टैंक ग्राम खैरी पटेहटा अंकित है जिसकी अनुमानित लागत 772638 लाख रुपए है। जिसमें मशीन द्वारा काम करवा कर 2417 मानव दिवस के फर्जी मस्टर रोल के माध्यम से राशि आहरित करने की तैयारी चल रही है।
नियम विरुद्ध सचिव का दिया गया प्रभार:- बता दें कि राममिलन प्रजापति जो ग्राम पंचायत खैरी में रोजगार सहायक के पद पदस्थ हैं। लेकिन जनपद पंचायत कुशमी द्वारा इन्हें नियम विरुद्ध तरीके से सचिवीय प्रभार सौंपा गया है। जबकि माननीय उच्च न्यायालय जबलपुर द्वारा जिला पंचायत छिंदवाड़ा के एक मामले में दिए गए आदेश दिनांक 24/02/2025 एवं जिला पंचायत छिंदवाड़ा का आदेश दिनांक 09/05/2025 में स्पष्ट उल्लेख किया गया है कि पंचायत में सचिव का स्थान रिक्त होने पर रोजगार सहायक को सचिवीय प्रभार नहीं दिया जा सकता है। लेकिन इसके बावजूद भी रोजगार सहायक को सचिवीय प्रभार सौंपा जाना, शिकायतों पर कार्यवाही ना होना, शिकायतों को फर्जी तरीके से बंद करवाना स्थानीय प्रशासन पर सवालिया निशान पैदा करते हैं। आखिर किसके संरक्षण पर रोजगार सहायक द्वारा मनमानी पूर्वक निर्माण कार्य करवाया जा रहा है एवं मनरेगा योजना में मशीनों का उपयोग किया जा रहा है।
रोजगार सहायक द्वारा मनरेगा योजना अंतर्गत कराए जा रहे खेत तालाब मैदान समतलीकरण, पर्कोलेशन टैंक जैसे काम मशीन द्वारा करवाया जाता है। जिसकी शिकायत मैंने सीएम हेल्पलाइन दर्ज कराई थी। जो कि L1 पर है। जांच कार्यवाही कुछ नहीं हुई बल्कि लगातार मशीन से मिट्टी का काम करवाया जा रहा है।
संदीप जायसवाल स्थानीय निवासी
पंचायत द्वारा मनरेगा योजना से दर्जन भर अधिक काम मशीनों से करवाया गया है। जिसकी शिकायत दो महीने पहले कलेक्टर जनसुनवाई में किया था। लेकिन कोई कार्रवाई एवं जांच नहीं हुई है। ऐसा लगता है अधिकारियों के सांठ-गांठ से सब हो रहा है। इसीलिए स्वीकृति कहीं की और काम कहीं हो रहा है।



