जबलपुर कलेक्टर की मेहरबानी कुछ मिलर को विभागीय जांच में तो कुछ के ऊपर एफआईआर दर्ज की गई

एक करोड़ के ऊपर FIR बाकी पर विभागीय जांच ये कैसा नियम है सरकार का
धान अफरा – तफरी मामला
जबलपुर दर्पण –गुरुवार की रात जिला प्रशासन द्वारा पुलिस की अपराध शाखा में धान अफरा तफरी मामले में 27 लोगों सहित एक अन्य के नाम से विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कराया है। जिसमें 16 राइस मिलर है और शेष नागरिक आपूर्ति निगम के अधिकारी कर्मचारी है। हालाकि नान के कर्मचारियों अधिकारियों पर पहले से ही कई मामले दर्ज हो चुके हैं, लेकिन इस पूरी प्रक्रिया में सबसे अहम बात है
जबलपुर जिले के 46 राइस मिलर जिस में से 43 को दोषी पाया गया है और 16 के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर दिया गया है और शेष बचे लोगों पर विभागीय जांच की बात कही गई है। जिसमें विभागीय जांच और एफ आई आर का जो क्राइटेरिया जिला प्रशासन द्वारा निर्धारित किया गया है वह एक करोड रुपए से अधिक की हेरा फेरी और एक करोड रुपए से कम की हेरा फेरी है, जो अपने
कार्यवाही पर उठने लगे सवाल, मिलर्स भी अब लड़ाई की तैयारी में
अपने आप में कई सवाल खड़े करता है। एक ही तरह की प्रकृति है
प्रशासन की तरफ से जो प्रेस नोट जारी किया गया है उसमें बताया गया है कि जिन 16 लोगों के ऊपर मुकदमा दायर किया गया है उनके माध्यम से जो धान की अफरा तफरी हुई है उसकी मात्रा एक करोड रुपए से अधिक की है और जिन पर विभागीय जांच बताई गई है
स्टॉक मिला था पूरा
एक तरफ जहां करोड़ पर हेरा फेरी की बात कही जा रही है वहीं दूसरी तरफ जांच दल के द्वारा जो राइस मिलर के स्टॉक की जांच की गई थी उसमें लगभग सभी राइस मिलों में पूरा स्टॉक मिला हुआ था, जिसका पंचनामा भी बनाया गया था। जबकि इस मामले में सभी को पता है की कुछ एक बिंदुओं को छोड़कर वाहन पोर्टल पर डाले गए नंबरों और वास्तविक उठाओ किए गए ट्रैकों के नंबरों में मिलान की सबसे गंभीर सम



