स्वच्छता को मुंह चिढ़ा रहा,, महिला बाल विकास परियोजना कार्यालय रीठी

कटनी जबलपुर दर्पण । स्वच्छ भारत अभियान के तहत स्वच्छता के नाम पर हर विभागों में लाखों रुपए खर्च किए जाते हैं । साथ ही रैली निकाल लोगों को जागरूक भी किया जाता है
जिसमे अहम भूमिका महिला बाल विकास परियोजना की भी होती है । लेकिन यह क्या,,,?जो विभाग स्वच्छता का विशेष ध्यान रखने का संदेश देता है वही रीठी महिला बाल विकास परियोजना कार्यालय स्वच्छता को मुंह चिढ़ा रहा है। यहां चारो तरफ बारिश होने पर खरपतवार पनप रहे है जिससे रोजाना जहरीले जीव जंतुओं का खतरा क्षेत्र से आने वाली महिलाओं के ऊपर मडराता रहता है । वही इतना भी नही है हो सका कि कार्यालय मैं एक डस्टवीन रखा हो l क्योंकि चाय का स्वाद लेने बाद डिपोजल को दरवाजे के सामने ही फेक दिए जाते है ।
सूत्रों से मिली जानकारी अनुसार अधिकतर परियोजना केंद्र के आस पास की आंगनबाड़ी केंद्र समय पर नही खुलती है और समय से पहले ही बंद हो जाती है । बताया जाता हैं कि अपने घर का सारा काम खतम कर केंद्र मैं पहुंचती है। जिससे आंगनवाड़ी में पहुंचने वाले ननिहाल बच्चों की दर्ज संख्या प्रतिदिन कम तथा उत्साह कमजोर पड़ रहा है। और गर्भवती महिलाओं, धात्री महिलाओं तथा बच्चों को पोषण आहार समय पर नहीं मिल पाता है। वही कार्यालय में अपने सेक्टर से पहुंच रही महिलाओं के लिए बैठक की भी कोई व्यवस्था नहीं है । जब कार्यालय और आस पास का यह हाल है तो क्षेत्र के केंद्रों का क्या हाल होगा। लेकिन प्रभारी परियोजना अधिकारी को इसकी कोई चिंता नहीं है l वह तो कार्यालय या घर पर बैठे-बैठे कागजी कार्यवाही को पूरा कर लेते है । जबकि महिला एवं बाल विकास मंत्रालय जैसी कई सरकारी योजनाओं द्वारा फंड भी जारी किया जाता है, जो विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों को लागू करने के लिए उपयोग किया जाता है। उसके बावजूद भी कार्यालय का यह हाल है । अब देखना यह है कि ऊपर बैठे उच्च अधिकारी इस विषय पर क्या कार्रवाई करते हैं ।



