आम नागरिकों की जेब में खुले आम डाला जा रहा डांका

जबलपुर दर्पण। जबलपुर जिले एवं ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली विभाग ने जब स्मार्ट मीटर लगाए थे । उन्होंने कहा गया था कि इससे पारदर्शिता आएगी, बिलिंग सही होगी और उपभोक्ता को फायदा होगा। लेकिन आज हकीकत कुछ और ही दिखाई दे रहीं है। अब यही स्मार्ट मीटर आम जनता के लिए मुसीबत बनते जा रहे हैं। जिले में हाल ही में सामने आया अधिक भार का मामला। जहां जबलपुर के बिजली विभाग के (दक्षिण संभाग) का मामला देखने पर सब कुछ साफ कर देता है यहां स्मार्ट मीटर ने खपत दिखाई 600 यूनिट,लेकिन जब चैक मीटर लगाया गया तो वही खपत निकली सिर्फ क्यों 300 यूनिट यानी दो गुना बिल, बिना दो गुना उपयोग के जनता से खुली लूट।ये कोई एक-दो घरों की बात नहीं है। सोशल मीडिया से लेकर विभिन्न आवेदन एवं शिकायत के साथ आसपास के हजारों परेशान होकर ये सभी बिजली विभाग के चक्कर लगा रहे हैं । जहाँ स्मार्ट मीटर ने खपत बढ़ा-चढ़ाकर दिखाई और आम आदमी को झूठा बिल थमा दिया गया। गरीब हो या मध्यम वर्ग, हर कोई परेशान है। रोज़मर्रा की ज़िंदगी की जरूरी चीजें पहले ही महंगी हो चुकी हैं, ऊपर से बिजली बिल के नाम पर ये जबरन वसूली कहाँ तक सही जायेगी बड़ा सवाल है?क्या सरकार और बिजली कंपनियां मिलकर जनता को ठग रही हैं? क्या इन स्मार्ट मीटरों के पीछे कोई बड़ा घोटाला छिपा है? जब भी कोई उपभोक्ता सवाल करता है, जवाब मिलता है – “मीटर सही है, जांच करवा लो।” पर जब जांच होती है तो सच्चाई कुछ और ही निकलती है। ऐसे में सवाल उठता है – क्या ये गलती है, या जानबूझकर की जा रही एक संगठित लूट?पीड़ित ने लगाई मीडिया से गुहार उच्च अधिकारी कर्मचारी इस और तत्कालीन सुधार हेतु दे आम जनता को राहत वहीं उपभोक्ता मंच ने भी कई आवेदन को लेकर उठाएं सवाल? अगर आप भी स्मार्ट मीटर से परेशान है तो जबलपुर में शिकायत कराए दर्ज।



