शिवनिल नशा मुक्ति केंद्र एवं जिला जेल में मनाया गया रक्षाबंधन उत्सव

डिंडोरी, जबलपुर दर्पण ब्यूरो। शिवनिल नशा मुक्ति केंद्र डिंडोरी में पवित्र रक्षाबंधन पर्व का त्योहार हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर ब्रह्माकुमारी विश्वविद्यालय से कुमारी संगीता दीदी ने उपस्थित होकर केंद्र में भर्ती मरीजों को रक्षाबंधन के आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक महत्व से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि रक्षाबंधन न केवल एक अनोखा पर्व है, बल्कि भारत की संस्कृति और मानवीय मूल्यों का उज्ज्वल प्रतीक भी है। यह भाई-बहन के पवित्र वैश्विक रिश्ते की याद दिलाने वाला परमात्मा का अनुपम उपहार है। दीदी ने राखी बांधने की परंपरागत विधि की व्याख्या करते हुए कहा कि तिलक और राखी दोनों दाहिनी हाथ में ही बांधे जाते हैं, जो यह संदेश देता है कि हमें हमेशा दाहिनी यानी सकारात्मक सोच और श्रेष्ठ कार्य करने की प्रेरणा लेनी चाहिए। उन्होंने यह भी बताया कि मिठाई खिलाने की परंपरा मन और रिश्तों को और मीठा बनाने का राज छुपाए हुए है। कार्यक्रम में सभी मरीजों और स्टाफ सदस्यों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और एक-दूसरे को शुभकामनाएं दीं। गौरतलब है कि रक्षाबंधन के पावन अवसर पर नशा मुक्ति केंद्र से रितु सेन एवं ब्रह्माकुमारी संगीता दीदी ने जिला जेल का भी भ्रमण किया। बताया गया कि जिला जेल के जेलर, स्टाफ एवं कैदियों को राखी बांधी गई। इस दौरान कैदियों से वचन लिया गया कि वे घर लौटने के बाद किसी भी प्रकार का नशा या व्यसन नहीं करेंगे तथा गलत कार्यों से दूर रहेंगे। जिला जेल के इस कार्यक्रम में नशा मुक्ति केंद्र से रितु सेन, अजय ठाकुर, बच्चूनाथ चौहान, ब्रह्माकुमारी से संगीता दीदी, जेलर, स्टाफ सहित कैदी व अन्य लोग मौजूद रहे।



