तत्कालीन कलेक्टर विकास मिश्रा की पहल, मैया अभियान लगातार जारी

डिंडोरी, जबलपुर दर्पण ब्यूरो। आदिवासी बाहुल्य जिला डिंडोरी से होकर गुजरती मां नर्मदा नदी के घाटों पर हर रविवार को सफाई अभियान अभी तक जारी है। गौरतलब है कि तत्कालीन जिला कलेक्टर विकास मिश्रा की पहल व मार्गदर्शन में नर्मदा नदी पर सफाई अभियान करने की पहल शुरू की गई थी, जो साफ-अभियान अभी तक जारी है, लोग इस अभियान को प्रेरणादायक पहल बता रहे हैं। पिछले दिनों रविवार को माँ नर्मदा को समर्पित व पर्यावरण संरक्षण मैया अभियान के अंतर्गत पुल समीप घाट पर स्वच्छ्ता सेवा की गई। विदित है कि प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु पुल शमीप घाट में पूजा अर्चना एवं श्रद्धा की डुबकी लगाते हैं। बस स्टैंड पास होने के कारण प्रवासी मजदूर सर्वप्रथम यही डुबकी लगाते है, यहां सार्वजनिक शौचालय न होने के कारण सबसे ज्यादा गन्दगी एवं प्रदूषण पुल समीप घाटों में होता है। मैया अभियान के स्वयं सेवकों ने दोनों घाटों में झाड़ू लगाकर लगभग एक टैक्टर प्रदूषक निकाल कर हटाया एवं घाट को स्वच्छ किया गया। बताया गया की अभियान लगभग पिछले तीन वर्षो से लगातार जारी है, अभियान में सरकारी कर्मचारी, विद्यार्थी एवं नगर निवासी स्वेच्छा से प्रत्येक रविवार प्रातः 7 बजे से श्रम दान करते हैं। मैया अभियान के सभी सदस्यों ने जिला प्रशासन से अपील की है कि नर्मदा घाटों में शौचालयों एवं कचरा पेटी का निर्माण कराया जाए, साथ ही गंदगी करने वालो पर जुर्माना भी लगाया जाए। नगर वासियों, कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों से अपील की है कि प्रत्येक रविवार प्रातः 7 बजे स्वच्छता सेवा में शामिल होकर मां नर्मदा को निर्मल बनाने में अपनी सहभागिता निभाएं। रविवार को सफाई के साथ डॉक्टर संतोष परस्ते आयुष विभाग, वरिष्ठ शिक्षक शाहिद खान, नेहरू युवा केन्द्र आर पी कुशवाहा, शिक्षक जितेन्द्र दीक्षित, पशु चिकित्सा गणेश गवले, रक्त देवदूत भागवत यादव, प्राचार्य राम विशाल मिथलेश, याथार्त यादव, रीतेश नामदेव सहित अन्य लोगों ने श्रम दान कर पर्यावरण संरक्षण के संकल्प को दोहराया।



