नुना में प्रधानाध्यापक की मनमानी से ग्रामीण परेशान

टीकमगढ़ जबलपुर दर्पण । विकासखंड शिक्षा केंद्र पलेरा के अंतर्गत माध्यमिक शाला नुना में पदस्थ प्रधानाध्यापक ग्यासी लाल कुम्हार की कार्य प्रणाली से सभी ग्रामवासियों में परेशानियों की खलबली मची हुई है।
दरअसल माध्यमिक शाला में अरविंद कुमार अहिरवार माध्यमिक शिक्षक गणित पदस्थ होने के बावजूद भी 2022-23 में बृजगोपाल विश्वकर्मा संस्था के चपरासी के पुत्र को बतौर अतिथि शिक्षक रखा गया। शिक्षण सत्र 2023-24 में अश्विनी कुमार छीपा को गणित विषय के लिए उपरोक्त दोनों को बिना मैरिट सूची में नाम के रख लिया गया। जब इस संबंध में विकासखंड शिक्षा अधिकारी एवं जिला शिक्षा अधिकारी को तत्कालीन जन शिक्षा केंद्र प्रभारी द्वारा लिखित शिकायत की गई किन्तु कोई कार्यवाही नहीं हुई।
इतना ही नहीं शिक्षण सत्र क्रमशः 2021-22, 2022-23 एवं 2023-24 में नुना जन शिक्षा केंद्र प्रभारी द्वारा शिकायत करने के बाद संस्थान के तत्कालीन पीटीए अध्यक्ष नरेंद्र यादव एवं अन्य ग्रामीणों द्वारा पूरे शिक्षण सत्र के दौरान एक भी दिन अतिथि शिक्षक द्वारा विद्यालय में उपस्थित नहीं होने के कारण आपत्ति जताते हुए मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 181 पर शिकायत दर्ज की गई थी। जिसकी पुष्टि हेतु जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय से तत्कालीन जन शिक्षा केंद्र प्रभारी से दूरभाष पर जानकारी सत्यापित कर ली तो प्रशासन हरकत में आया और अतिथि शिक्षक को आनन-फानन में संस्था से हटा दिया गया। जबकि ग्रामीणों का आरोप है कि अतिथि शिक्षक का विद्यालय में बिना उपस्थित हुए पूर्ण मानदेय भुगतान कर दिया गया है। मानदेय आहरण से संबंधित सभी जानकारी विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय पलेरा से पड़ताल की जा सकती है। शिक्षण सत्र में एक भी दिन अतिथि का विद्यालय न पहुंचना बेहद निंदनीय एवं शासन की राशि का दुरुपयोग कर गवन किया जाना निश्चित होता है। इस सब के लिए जिम्मेदार पदस्थ माध्यमिक शाला प्रधानाध्यापक द्वारा शासकीय राशि को भ्रष्टाचार के बलबूते ठिकाने लगाने का काम किया गया है।
शिक्षण सत्र 2022-23 व 2023-24 में संस्था के चपरासी के पुत्र रामनरेश विश्वकर्मा के नाम से बिना रजिस्टर्ड फर्म के बिल लगाकर एक बार चौबीस हजार, दूसरी बार चौदह हजार रूपए की राशि को आहरण कर बंदरबांट कर भ्रष्टाचार की बलि चढ़ा दिया गया है।
अन्य विद्यालय में पदस्थ अतिथि शिक्षक महेश कुमार प्रजापति के नाम पर दस हजार रुपए एवं नीरज कुमार पाल के नाम पर आठ हजार पांच सौ रूपए की राशि को आहरण कर डकार लिया गया है। ज्यादा जानकारी के लिए Digigov पोर्टल पर देखा जा सकता है।
विद्यालय की मरम्मत कार्य के पैसे भी रामनरेश विश्वकर्मा के नाम पर आहरण कर लिए गए हैं। जबकि धरातल पर स्कूल में कोई काम नहीं किया गया है।
हालांकि सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक ग्यासी लाल कुम्हार के खामसखास रिश्तेदार जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में बड़े पद पर सुशोभित हो रहे हैं जिसके चलते जिम्मेदार अधिकारी कार्यवाही करने से कतराते हैं। आशंका जताई जा रही है कि शासकीय माध्यमिक शाला नुना में हुए भ्रष्टाचार में जिले के तमाम जिम्मेदार अधिकारी भी बराबर के हिस्सेदार बने हुए हैं।
बहरहाल माध्यमिक शाला नुना में किए गए भ्रष्टाचार में संलिप्त प्रधानाध्यापक पर वैधानिक कार्यवाही करते हुए बंदरबांट की गई राशि को वसूल किया जाए और अतिथि शिक्षकों के बिना स्कूल गए लिए गए मानदेय की वसूली की जाए।ताकि अन्य कोई भ्रष्टाचारी ऐसी हरकत करने की हिमाकत न कर सके।



