जिला कलेक्टर द्वारा अनुसूचित जाति सिनीयर बालक छात्रावास का आकस्मिक निरीक्षण –

पांढुरना जबलपुर दर्पण । जिले में शिक्षा, स्वच्छता और विद्यार्थियों की बुनियादी सुविधाओं की सतत निगरानी एवं गुणवत्ता सुधार की मंशा से जिला प्रशासन द्वारा समय-समय पर छात्रावासों और आश्रम शालाओं का निरीक्षण किया जाता है। इसी क्रम में गुरुवार को प्रातः 8:15 बजे जिला कलेक्टर ने अनुसूचित जाति सिनीयर बालक छात्रावास का आकस्मिक निरीक्षण किया ।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने छात्रावास में ठहरने वाले विद्यार्थियों से नाश्ता, भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता व्यवस्था एवं शैक्षणिक गतिविधियों के संबंध में विस्तार से चर्चा की। विद्यार्थियों ने अपने अनुभव साझा किए, जिन पर कलेक्टर ने सकारात्मक सुझाव देते हुए उन्हें निरंतर मेहनत एवं अनुशासन बनाए रखने के लिए प्रेरित किया ।
इस अवसर पर कलेक्टर ने विज्ञान विषय का अध्ययन कैसे करें इस अवधारणा को विद्यार्थियों को सरल भाषा में समझाया, जिससे बच्चों की रुचि और समझ में वृद्धि हुई । विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक इस विषय पर प्रश्न पूछे जिनका कलेक्टर ने धैर्यपूर्वक समाधान किया ।
छात्रावास निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने किचन का भी अवलोकन किया और बच्चों के साथ भोजन कर उसकी गुणवत्ता की प्रत्यक्ष जाँच की । उन्होंने रसोई की सफाई, भोजन की पौष्टिकता एवं समय पर उपलब्धता को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। परिसर का निरीक्षण करते हुए कलेक्टर ने स्वच्छता पर विशेष बल दिया तथा छात्रावास में अतिरिक्त कक्ष निर्माण की आवश्यकता पर संबंधित अधिकारियों से चर्चा की तथा अतिरिक्त कक्ष निर्माण का प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने जिले के समस्त छात्रावासों एवं आश्रम शालाओं का सतत निरीक्षण सुनिश्चित करने हेतु आदेश जारी किए । इसके लिए राजस्व विभाग के अधिकारियों को प्रत्येक छात्रावास/आश्रम शाला आवंटित किए गए हैं, ताकि नियमित निरीक्षण, समस्याओं का त्वरित निराकरण एवं व्यवस्थाओं में निरंतर सुधार संभव हो सके । एस डी एम, तहसीलदार तथा नायब तहसीलदार को निरीक्षण हेतु आवंटित किए गए छात्रावासों का निरीक्षण प्रतिवेदन एक सप्ताह में प्रस्तुत करने हेतु आदेशित किया गया है।



