बुराई के प्रतीक रावण का स्टेडियम में हुआ दहन

सीधी जबलपुर दर्पण । विजयादशमी का पर्व जिले भर में धूमधाम के साथ मनाया गया। अहंकारी दशानन रावण के पुतले की नाभि में जैसे ही अग्रिबाण श्री राम ने मारा वैसे ही रावण का पुतला धू-धूकर जलने लगा। सीधी -सिंगरौली सांसद डॉ.राजेश मिश्रा एवं सीधी विधायक श्रीमती रीती पाठक ने विजयादशमी के पावन अवसर पर सीधी के छत्रसाल स्टेडियम में आयोजित “दशहरा उत्सव” में सहभागिता की। इस अवसर पर वरिष्ठ अधिवक्ता चन्द्र मोहन गुप्ता,रामलीला नगर कमेटी व्यापारी संघ अध्यक्ष भोला गुप्ता सहित पार्षदगण, गणमान्य नागरिक एवं आमजन उपस्थित रहे।
बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक दशहरा पर्व छत्रसाल स्टेडियम सीधी में राम-रावण संवाद के बाद रावण दहन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। रात करीब 9:30 बजे राम-रावण युद्ध की लीला का मंचन करने के बाद रावण दहन किया गया। शहर के छत्रसाल स्टेडियम में दशहरा उत्सव समिति द्वारा दशहरा उत्सव का आयोजन किया गया। जहां रामलीला नगर कमेटी व्यापारी संघ सीधी के रामलीला मंचन में शामिल श्रीराम जी के द्वारा रावण वध किया गया। जैसे ही श्री रामचन्द्र भगवान द्वारा असत्य पर सत्य की विजय रावण का वध किया। वैसे ही 32 फुट का रावण के पुतले का दहन आतिशबाजी से भरपूर धू-धू कर जल पड़ा। धर्म के मंच से भगवान श्री राम की जय घोष लगाते हुए अतिथियों ने कहा कि जब जब धर्म की हानि होती है तब-तब राम का अवतार होता है। भारतीय संस्कृति में प्रत्येक पर्व का अपना एक अलग महत्व है। अंदर के रावण को मारना पड़ेगा क्योंकि पुतला दहन तो हर वर्ष होता है लेकिन रावण रह जाता है अंदर के रावण रूपी को नष्ट करना होगा। इसलिए इस दिन शुभ कार्य एवं नए कार्य की शुरूआत भी की जाती है।
राम – रावण का संवाद रहा आकर्षक का केंद्र
राम और रावण का संवाद तथा युद्ध मंचन स्टेडियम में हुआ। दहन पश्चात रथ के माध्यम से नगर भ्रमण के लिए राम-लक्ष्मण-हनुमान की भव्य झांकी निकाली गई, साथ में दुर्गा प्रतिमा की झांकी भी रही। इस दौरान जगह-जगह रथ में सवार विजयी भगवान रामचन्द्र जी की पूजा-अर्चना नगरवासियों द्वारा की गई। अयोध्या के युवराज श्रीराम, लक्ष्मण, वीर हनुमान की आरती पूजन किया गया। इस दौरान गणमान्य नागरिकों के साथ ही जिले भर से आयी जनता जनार्दन दशहरा में रावण वध देखने में उत्सुक रही और अंत तक स्टेडियम खचाखच भरा रहा। पुलिस की यहां कड़ी चौकसी बनीं रही।



