शरद पूर्णिमा पर दत्त मंदिर परिसर में गुंजे मधुर गीत, ममत्व संगीत परिवार ने मनाया सुरों का पर्व

जबलपुर दर्पण । “चांद से परदा कीजिए…”, “गवाह हैं चांद तारे गवाह हैं…”, “नीले नीले अंबर पर…”, “चेहरा है या चांद खिला…” जैसे मधुर गीतों की गूंज ने सोमवार की चांदनी रात को संगीत के रंग में रंग दिया। अवसर था शरद पूर्णिमा महोत्सव का, जिसका आयोजन ममत्व संगीत परिवार द्वारा दत्त मंदिर परिसर में किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती की वंदना, दीप प्रज्वलन और पुष्प अर्चन के साथ हुआ, जिसमें ममत्व संगीत परिवार के सभी कला साधक एवं अतिथियों ने सहभागिता की।
शरद पूर्णिमा के अवसर पर विशेष आयोजन किए गए, जिनमें प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का आयोजन हुआ। सही उत्तर देने वाले प्रतिभागियों को नकद पुरस्कार प्रदान किए गए। कार्यक्रम के अंत में सभी संगीत प्रेमियों को अमृतमयी खीर का प्रसाद वितरित किया गया।
एक से बढ़कर एक गीतों की प्रस्तुतियों ने माहौल को आनंदमय बना दिया। उपस्थित दर्शक संगीत की रसधारा में सराबोर हो गए और कलाकारों के प्रदर्शन की सराहना की।
इस अवसर पर कैंसर विशेषज्ञ डॉ. श्यामजी रावत को उनकी चिकित्सा सेवा, समर्पण और हाल ही में राष्ट्रपति भवन, नई दिल्ली में महामहिम राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू द्वारा सम्मानित किए जाने पर ममत्व सेवा संस्था की ओर से अभिनंदन पत्र, शाल एवं श्रीफल भेंटकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में समिति के कलाकार दीपक पचौरी, के.के. तिवारी, राजेश पाठक, के.के. शुक्ला, डॉ. अनिल वाजपेई, निकेश वैद्य, सुनीता जायसवाल, पूर्णिमा अग्रवाल, सुषमा पाठक, रानी मिश्रा, उदय बेडेकर, सिद्धेश्वरी सराफ, शिवकुमार तिवारी, नवल गुप्ता, चंदू जाओलेकर, सुतृप्ति जी, अर्चना असाटी, किशोर तम्हाने, मंजुलता चतुर्वेदी, आर.के. कांबले, प्रीति गर्ग, तृप्ति मिश्रा, संतोष वर्मा, अशोक शर्मा, मीना भट्ट, पुरुषोत्तम भट्ट, अर्जुन सोमवंशी, मृदुला शर्मा, प्रतीक्षा सेठी, अमरजीत सिंह, राजकौर मल्होत्रा, इंदरपाल मल्होत्रा, पी.के. दुबे, जे.पी. चौहान, वंदना सिन्हा, मनोज सिन्हा, रजनी राजपूत और धनराज अर्खेल सहित अनेक संगीत साधक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का संचालन दीपक पचौरी ने किया।



