सहारा इंडिया एवं सैकड़ों चिटफंड कंपनियों के खिलाफ हजारों निवेशकों ने घेरा कलेक्ट्रेट

भीषण गर्मी भी पस्त नहीं कर पाई निवेशकों के हौंसले

जबलपुर दर्पण। म.प्र. निवेशक अभिकर्ता हितकारी संघ के संरक्षक सौरभ नाटी शर्मा ने जारी विज्ञप्ति में बताया कि सहारा सहित अनेकों चिटफंड कंपनियों में अपनी मेहनत की गाढ़ी कमाई जमा करने वाले निवेशकों ने हजारों की तादाद में इकट्ठे होकर रसल चौक से मालवीय चौक होते हुए घंटाघर तक विशाल रैली के रूप में पहुंचकर एडी. कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा, जहाँ कई हजार आवेदन पृथक-पृथक निवेशकों द्वारा जमा किये गये । आन्दोलनकारी जोर जोर से नारेबाजी कर रहे थे, हमारा पैसा वापिस दो, चिटफंड कंपनियों के संचालकों को गिरफ्तार करो जैसे अनेक नारे लगा रहे थे । भीषण गर्मी में यह पैदल रैली जैसे ही घण्टाघर पहुँची, जहाँ प्रशासन ने भारी पुलिस बल के बीच धारा 144 लगी रहने का हवाला देकर रैली को घंटाघर में ही रोक दिया, जहाँ कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच भारी धक्का-मुक्की हुई। तत्पश्चात् प्रशासन की ओर से एसडीएम अरजरिया जी ज्ञापन लेने और चर्चा करने उपस्थित हुए ।
आन्दोलनकारियों की माँग सख्त कार्यवाही करने के लिए एक नोडल अधिकारी बनाने हेतु की गई, जिसे प्रशासन ने आपस में चर्चा कर एडीशनल एस.पी. श्री अग्रवाल जी को नियुक्त किया, जो इससे संबंधित समस्याओं को सुनेंगे।
रैली घंटाघर पहुंचकर सभा के रूप में परिवर्तित हो गई,जिसे संबोधित करते हुए विधायक विनय सक्सेना ने निवेशकों के साथ हुई धोखाधड़ी को जहाँ एक ओर प्रदेश एवं केन्द्र सरकार को पूरी तरह जिम्मेदार बताया वहीं दूसरी ओर स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं स्थानीय प्रशासन को भी बराबर का दोषी माना जाना चाहिये इसलिये रकम वापिसी के लिये सभी जिम्मेवार है।
सभा को नगर अध्यक्ष जगत बहादुर सिंह अन्नू ने भी सम्बोधित किया और तत्पश्चात् संघ के संरक्षक सौरभ नाटी शर्मा ने यह कहा कि यह आन्दोलन जब तक पैसा वापिस नहीं मिलेगा, तब तक जारी रहेगा। जिला प्रशासन एवं प्रदेश सरकार एवं समस्त जनप्रतिनिधियों को भी इस हेतु सकारात्मक रूख अख्त्यिार करते हुए इन गरीब निवेशकों की मदद करनी चाहिए ।
आज के इस आन्दोलन में विधायक विनय सक्सेना, नगर अध्यक्ष जगत बहादुर सिंह अन्नू, संघ संरक्षक सौरभ नाटी शर्मा, संघ अध्यक्ष कुन्दन विश्वकर्मा, आप नेता रामकिशोर शिवहरे, गीता शरत तिवारी, महिला कांग्रेस अध्यक्ष कमलेश यादव, अनुभा शर्मा, राकेश गुप्ता, संतोष पंडा, पंकज पाण्डे, हुकुमचन्द जैन, निर्मल जैन, रमेश बोहित, चन्दू जैन, अनुज श्रीवास्तव, प्रयाग नायडू, सुमित चौहान, संदीप जैन, प्रवेन्द्र चौहान, विष्णु विनोदिया आदि हजारों की तदाद में निवेशक एवं अभिकर्तागण उपस्थित रहे।



