देवरीकलां व मुरदई गांव में स्थिति खराब, नलजल योजना का भी लाभ नहीं

गोटेगांव जबलपुर दर्पण । तहसील क्षेत्र में स्वच्छता अभियान के तहत ग्राम पंचायत के पदाधिकारी साफ स्वच्छ बनाने में कितने गंभीर रहते है। इसकी बानगी ग्राम पंचायत देवरीकला और मुरदई में देखने को मिली है। पंचायती राज व्यवस्था के तहत जिस हिस्से में शासन की योजना के अनुसार पंचायत भवन का निर्माण करवाया गया है और वहां पर बैठ कर ग्राम के लोगों की समस्याओं को हल करने की दिशा में कार्य होता है। ऐसे हिस्से में गाजर घास ऊगी हुई है। इस गाजर घास को साफ करने की दिशा में पंचायत के द्वारा कोई कदम नहीं उठाया जा रहा है। जिसके कारण पंचायत परिसर में गाजर घास के साथ अन्य कचरा सबसे अधिक पनप गया है।जहां एक ओर पंचायत गांव में स्वच्छता बनाने गांव के लोगो को जागरूक करने का कार्य करती है और स्वच्छता अभियान के तहत आने वाली राशि से सिर्फ दीवारों पर लेखन कराने का कार्य कराया जाता है। इसके अलावा गांव में मौजूद गंदगी को यूं ही छोड़ दिया जाता है। पंचायत स्तर पर स्वच्छता अभियान की हवा निकलती जा रही है। इसके पीछे पंचायतों में मौजूद सचिव और रोजगार सहायक की अनदेखी मुख्य कारण बताई जा रही है। जो कभी कभार ही पंचायत खोलने के लिए पहुंचते है। जब पंचायत बंद होने का कारण उनसे पूछा जाता है तो वह इधर उधर जाकर कार्य करने की सफाई प्रस्तुत कर देते है।
आंगनबाड़ी केन्द्र में लगा हैंडपंप बदहाल
ग्राम पंचायत देवरीकला के परिसर में जहां शासकीय प्राथमिक शाला लगती है। वही आंगनबाड़ी केन्द्र में नौनिहाल पहुंचते हैं। लेकिन यहां लगा हैंडपंप बदहाल स्थिति में है। उसका चेम्बर नीचे दब चुका है। जिससे हैंडपंप का बंद पड़ा है। उसका उपयोग नहीं हो रहा है। वहीं गांव में जो नल जल योजना लागू की गई है। वह सीधे नलकूप के जरिए हो रही है। गांव के लोगों ने बताया कि जहां पर नलजल योजना के तहत पाइप लाइन बिछा कर घर-घर कनेक्शन करने के लिए सिर्फ पाइप लाइन जोड़ कर घर के सामने लाकर छोड़ दिए गए हैं। यदि पानी का उपयोग नहीं करना है या जितने पानी का उपयोग हो गया है। उसके बाद भी नलकूप सप्लाई से घर-घर पानी पहुंचता है तो रहवासी उनको बंद नहीं कर पाते है और वह पानी व्यर्थ की बहता रहता है।गांव के लोगों ने मांग की है कि घर-घर कनेक्शन करने का कार्य सिर्फ किया गया है। वहां पर किसी प्रकार के नल नहीं लगाए गए है, ताकि सप्लाई पानी का उपयोग करने के बाद उस नल को बंद किया जा सके। ऐसी कोई व्यवस्था नहीं की गई है। जिस ठेकेदार के द्वारा पाइप लाइन गांव में बिछा कर घर-घर कनेक्शन के पाइप डाल दिए गए है उनके अधूरे कार्य को ग्राम पंचायत ने कैसे पूर्ण बता कर एनओसी प्रदान कर दी गई है। इसकी जांच संबंधित अधिकारी करें।



