सचिव-सरपंच की जुगलबंदी ने हड़प लिया लाखों रूपये

सीधी जबलपुर दर्पण । जिले की आदिवासी अंचल कुशमी में भ्रस्टाचार रुकने का नाम ही नही ले रहा। बिना निर्माण कार्य पांचवे वित्त व 15 वे वित्त की राशि मनमानी ढंग से सचिव-सरपंच आहरित कर आम जनता के टैक्स के पैसे को हड़पने में लगे हुए हैं लेकिन इन सब बातों का जिला पंचायत को कोई भान ही नही है।
गौरतलब है कि कुशमी जनपद में पदस्थ सीईओ ज्ञानेंद्र मिश्रा आये हैं तब से इस तरह के फर्जी आहरण में बहुत कमी आई थी लेकिन आधा दर्जन करीब घाघ सचिव न सिर्फ बिना निर्माण बल्कि अन्य खर्च व पंचायत खर्च के नाम पर 5 वे व 15 वे वित्त की राशि लगातर खयानत कर रहे हैं।
एक ऐसा ही मामला कुशमी जनपद के टमसार का आया है। जहां पदस्थ सचिव के पी सिंह ने आते ही 3 दिन के अंदर करीब 19 लाख का भुगतान दिवस के अंदर फर्जी वेंडर के नाम से आहरित कर बंदरबांट कर लिया।
आपको जानकर हैरानी होगी कि उक्त सचिव ने उमेश ट्रेडर्स नामक फर्म से मुरम भी खरीदा और उसी से गिट्टी भी खरीद लिया और उसी वेंडर से प्रिंटर भी खरीद लिया।
जबकि पूरे देश मे एच पी प्रिंटर की अधिकतम कीमत 15 हजार है उसको 898500 में खरीदा गया।
और भी हुए हैं फर्जी भुगतान
स्वस्थ पंचायत भवन के मरम्मत के नाम पर करीब 2 लाख रुपये का भुगतान किया गया जबकि पंचायत भवन में ऐसा कोई भी काम नही हुआ है। जिस प्रिंटर के नाम पर 28500 आहरित किये गए है। उसमें सबसे बड़ी भ्रस्टाचार की बानगी ये है कि प्रिंटर खरीदने के बाद 17500 का फोटोकॉपी का बिल लगाकर जनता को गुमराह किया गया। जबकि वहां पर पहले से प्रिंटर मौजूद था।
इनका कहना है।
दी गयी जानकारी के अनुसार तत्काल जांच कराई जाएगी, दोषी कर्मचारी के खिलाफ सशक्त कार्यवाही कराई जाएगी।
ज्ञानेंद्र मिश्रा,सीईओ, कुशमी।



