किसानों की फसल खरीदी से पीछे हट रही सरकारः कांग्रेस अध्यक्ष नरेश मरावी

सिवनी जबलपुर दर्पण । जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष नरेश मरावी ने कहा है कि मध्यप्रदेश की डॉ. मोहन यादव सरकार ने किसानों से किया अपना वादा तोड़ दिया है। उन्होंने प्रेस को जारी विज्ञप्ति में बताया कि मुख्यमंत्री ने केंद्रीय खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय को पत्र लिखकर यह स्पष्ट कर दिया है कि राज्य सरकार किसानों की फसल खरीदी करने में असमर्थ है।
मरावी ने बताया कि मुख्यमंत्री द्वारा भेजे गए पत्र में कहा गया है कि प्रदेश में उपार्जन पिछले वर्षों की तुलना में काफी बढ़ गया है। गेहूं का उपार्जन 77.74 लाख मीट्रिक टन और धान का 43.49 लाख मीट्रिक टन तक पहुँच गया है। इस कारण स्कंध के निराकरण में अत्यधिक समय लग रहा है। साथ ही, वास्तविक लागत की प्रतिपूर्ति केंद्र शासन से अपेक्षित रूप में नहीं मिल पा रही है। इन परिस्थितियों के चलते राज्य को विकेन्द्रीकृत उपार्जन योजना के संचालन में भारी वित्तीय हानि हो रही है।
उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत राज्य सरकार ने बैंकों से 72,177 करोड़ रुपये का ऋण लिया हुआ है, जिसका पुनर्भुगतान करने में कठिनाई हो रही है।
कांग्रेस अध्यक्ष मरावी ने भाजपा सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा की सरकारों ने प्रदेश को कर्ज में डुबो दिया है और अब जब किसानों की फसल खरीदी की बात आई, तो सरकार पीछे हट रही है। चुनावों में बड़े-बड़े वादे कर किसानों से वोट लेने वाली भाजपा आज अपने हर वादे से मुकर गई है।
उन्होंने कहा कि जब कार्यक्रमों पर करोड़ों रुपये खर्च किए जाते हैं, तब सरकार को कर्ज याद नहीं आता, लेकिन किसानों की मदद की बात आने पर आर्थिक संकट का बहाना बनाया जाता है। अतिवृष्टि से पहले ही परेशान किसान यदि समय पर फसल नहीं बेच पाए तो वह कर्ज में डूब जाएगा और व्यापारी इसका नाजायज लाभ उठाएँगे।
मरावी ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि वे किसानों के दुख-दर्द को समझें और तत्काल गेहूं एवं धान की खरीदी प्रक्रिया प्रारंभ करें, ताकि किसानों को राहत मिल सके।



