सदानंद सरस्वती जी ने द्वारकाधीश मंदिर प्राण-प्रतिष्ठा तैयारियों की सूक्ष्म समीक्षा

सिवनी जबलपुर दर्पण । शंकराचार्य स्वामी सदानंद सरस्वती जी का दो दिवसीय सिवनी प्रवास संपन्न हुआ। इस दौरान उन्होंने सीलादेही स्थित द्वारकाधीश राधा-कृष्ण मंदिर प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव की तैयारियों की विभिन्न स्तरों पर गहन समीक्षा करते हुए आयोजन को भव्य, दिव्य एवं सुव्यवस्थित बनाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।पूज्य शंकराचार्य जी ने कहा कि यह स्थान ब्रह्मलीन जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती जी महाराज के संकल्प से जुड़ा हुआ है। गुरुदेव का संकल्प था कि इस क्षेत्र को धार्मिक भव्यता प्रदान की जाए। उसी संकल्प के अनुरूप यहां द्वारकाधीश राधा-कृष्ण मंदिर के साथ-साथ गुरुकुल की स्थापना की जा रही है, जहां ब्राह्मण बालकों को वेद-वेदांत की शिक्षा प्रदान की जाएगी। साथ ही यहां गौशाला निर्माण का भी प्रस्ताव है।स्वामी सदानंद सरस्वती जी ने कहा कि गुरुदेव जी महाराज ने सिवनी जिले को आध्यात्मिक पहचान दिलाने के उद्देश्य से जिले की चारों दिशाओं में प्रतिष्ठित तीर्थ क्षेत्रों की स्थापना की, जो आज सनातन धर्म की दिव्यता से पूरे जिले को आलोकित कर रहे हैं। द्वारकाधीश मंदिर की स्थापना से जिले की धार्मिक गरिमा और अधिक बढ़ेगी।उन्होंने जिले की जनता एवं आयोजन समिति से आह्वान किया कि द्वारकाधीश मंदिर प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव को ऐतिहासिक एवं भव्य बनाने हेतु प्रत्येक परिवार और प्रत्येक व्यक्ति सहभागिता सुनिश्चित करे, जिससे ब्रह्मलीन शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती जी महाराज के संकल्प को पूर्ण कर पुण्य लाभ अर्जित किया जा सके।अपने प्रवास के दौरान स्वामी सदानंद सरस्वती जी ने महिला मंडलों, आयोजन समिति, गुरु भक्तों एवं आमजन से विभिन्न स्तरों पर संवाद किया तथा आयोजन की सफलता के लिए आवश्यक व्यवस्थाओं, अनुशासन एवं समन्वय पर विशेष बल दिया।



