महाकोशल कॉलेज में हथकरघा प्रशिक्षण प्रारंभ

जबलपुर दर्पण । स्वामी विवेकानंद कैरियर मार्गदर्शन योजना के अंतर्गत प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस, शासकीय महाकोशल स्वशासी अग्रणी महाविद्यालय जबलपुर में हथकरघा प्रशिक्षण का शुभारंभ किया गया। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य विद्यार्थियों को पारंपरिक कला से जोड़ते हुए उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है।
संभागीय समन्वयक प्रो. अरुण शुक्ल ने बताया कि आज से विद्यार्थियों हेतु महाविद्यालय में स्थापित हथकरघा केंद्र में प्रशिक्षण प्रारंभ हुआ है। इसमें विषय विशेषज्ञ श्री सक्षम जैन विद्यार्थियों को प्रशिक्षण प्रदान कर रहे हैं। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को करघा सेटअप, सूत्र की पहचान, डिजाइन निर्माण, फिनिशिंग एवं मार्केट पैकिंग जैसी प्रक्रियाओं की जानकारी दी जाएगी।
प्रो. शुक्ल ने कहा कि, “हथकरघा प्रशिक्षण वोकल फॉर लोकल और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इसका मुख्य उद्देश्य युवा पीढ़ी को पारंपरिक कलाओं से जोड़ते हुए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है।”
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. अलकेश चतुर्वेदी ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि, “हथकरघा केवल एक कला नहीं, बल्कि हमारी परंपरा, संस्कृति, कौशल और स्वावलंबन का अद्भुत संगम है। भारत विश्व के सबसे बड़े हथकरघा उत्पादकों में से एक है। इस प्रशिक्षण के माध्यम से विद्यार्थी हैंडलूम डिजाइनर, टेक्सटाइल प्रोडक्ट डेवलपर, करघा मास्टर ट्रेनर या स्वयं का स्टार्टअप प्रारंभ कर सकते हैं।”
इस अवसर पर डॉ. शिवचंद्र वल्के, डॉ. महेंद्र कुमार कुशवाहा एवं डॉ. नीलिमा सहित महाविद्यालय के प्राध्यापक एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में कुल 20 विद्यार्थी हथकरघा प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं।



