मां से पहली बार मिलते ही फफक कर सुधीर रोया

सीधी जबलपुर दर्पण । गुजरात के सूरत में जिस सुधीर पाण्डेय निवासी नकझरए जिला सीधी को कुछ दिन पहले बंधक बनाकर चाकू की नोक पर अमानवीय रूप से पीटा गया, तलवा चटाया गया और अपमानित किया गया कृ वही सुधीर जब अपनी अंधी मां से पहली बार मिला, तो भावनाओं का ज्वार फूट पड़ा। मां भले ही अपनी आंखों से नहीं देख सकतीं, पर बेटे की आवाज़ सुनते ही उनका हृदय कांप उठा। उन्होंने सुधीर को छूकर पहचान लिया और कहा कि तू ही है न मेरा सुधीर यह सुनते ही सुधीर अपने आंसू नहीं रोक सका और मां की गोद में सिर रखकर फफक पड़ा। मां के चेहरे पर दर्द भी था, सुकून भी कि बेटा जिंदा लौट आया। यह दृश्य देख हर कोई भावुक हो उठा। भारतीय भवन एवं अन्य संनिर्माण मजदूर संघ के रीवा संभागीय उपाध्यक्ष विकास नारायण तिवारी ने इस घटना पर गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि कृयह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि जिस युवक के साथ इतनी अमानवीय हरकत की गई, उसके दोषियों को अब तक गिरफ्तार नहीं किया गया है। यह न केवल कानून व्यवस्था पर सवाल खड़ा करता है, बल्कि समाज की संवेदनाओं को भी झकझोरता है। उन्होंने शासन-प्रशासन से मांग की है कि इस मामले के दोषियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर कड़ी से कड़ी सजा दी जाए। ऐसे अपराधियों पर राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम रासुका के तहत कार्यवाही हो, ताकि भविष्य में कोई भी इस तरह की कू्रर हरकत करने का साहस न कर सके। विकास नारायण तिवारी ने कहा कि हम सब मजदूर वर्ग और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि इस परिवार के साथ हैं। जब तक सुधीर को न्याय नहीं मिलता, हमारी लड़ाई जारी रहेगी।



