ग्राम डुंगरिया में पहुंची वन विभाग की टीम, उच्च अधिकारी एवं डिप्टी रेंजर ने किया निरीक्षण

मनीष श्रीवास जबलपुर दर्पण । जिले के जनपद मझौली क्षेत्र के ग्राम डुंगरिया और आसपास के इलाकों में पिछले पंद्रह दिनों से तेंदुए (चीते) का मूवमेंट लगातार देखा जा रहा है। तेंदुआ अब तक कई मवेशियों का शिकार कर चुका है, जिससे ग्रामीणों में भय और दहशत का माहौल बना हुआ है।
रविवार की सुबह लगभग 10 बजे डुंगरिया गांव निवासी जयंती कोल पर तेंदुए ने झाड़ियों से निकलकर हमला करने की कोशिश की। पास में मौजूद एक छोटी बच्ची के शोर मचाने से तेंदुआ जंगल की ओर भाग गया, जिससे बड़ी घटना टल गई।
इन घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए बुधवार को वन विभाग की टीम ग्राम डुंगरिया पहुंची। इस दौरान आईएफएस अधिकारी आकाश पुरी गोस्वामी और डिप्टी रेंजर इन्द्र कुमार बड़गाइया ने घटनास्थल का निरीक्षण किया तथा ग्रामीणों से बातचीत कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
टीम द्वारा पंचनामा तैयार किया गया और ग्रामीणों को वन्य प्राणियों से सुरक्षित रहने तथा सतर्कता बरतने के सुझाव दिए गए। इस दौरान ग्रामीणों ने बताया कि जब भी वे क्षेत्रीय बीट गार्ड को ऐसी घटनाओं की सूचना देते हैं, तो कई बार फोन नहीं उठाया जाता या कॉल बैक नहीं किया जाता। इससे विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।
आसपास के गांवों जैसे रोसरा, पोड़ा, गौरहा, जोली, खंदिया और मझौली में भी तेंदुए की मौजूदगी दर्ज की गई है। ग्राम रोसरा के तालाब के समीप तेंदुए के पदचिह्न मिलने के बाद ग्रामीणों की चिंता और बढ़ गई है। हाल ही में एक गाय का शिकार कर तेंदुआ उसे जंगल की ओर खींच ले गया।
धान की फसल की कटाई का समय होने के कारण किसान खेतों में जाने से डर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि वन विभाग समय रहते ठोस कदम नहीं उठाता, तो किसी बड़ी अनहोनी की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
पंचनामा के दौरान उपस्थित अधिकारी और ग्रामीण:
वन परिक्षेत्र अधिकारी आकाश पुरी गोस्वामी, डिप्टी रेंजर इन्द्र कुमार बड़गाइया, पंच दीपक जैन, रामदीन गोटियां, धर्मेंद कोल, मनोज कुमार कोल, कमलेश कुमार, जितेंद्र सोनी सहित अन्य ग्रामीणजन मौजूद रहे।



