ईडब्ल्यूएस बनाने के नाम पर खुलेआम सुविधाशुल्क की होती है वसूली
सीधी जबलपुर दर्पण । जिले का तहसील रामपुर नैकिन कार्यालय इन दिनों दलालों का अड्डा बना हुआ है। तहसील कार्यालय के अधिकांश कार्य दलालों के अनुसार ही हो रहे हैं। तहसील कार्यालय में पदस्थ लिपिक व आपरेटर खुलेआम कास्तकारों व हितग्राहियों से पैसा लेकर काम करते हैं। इतना ही नहीं तहसील कार्यालय रामपुर नैकिन में हर कार्यों का रेट फिक्स है उसी के अनुसार से सुविधा शुल्क लेकर कार्य संपादित किए जाते हैं। दलालों को 5 हजार रुपए देकर कोई भी व्यक्ति किसी की भी भूमि का स्टे प्राप्त कर सकता है। तहसीलदार रामपुर नैकिन द्वारा पटवारी प्रतिवेदन आने तक का स्टे प्रदान कर दिया जाता है। फिर संबंधित हितग्राही जिनका निर्माण कार्य प्रभावित होता है वह पटवारियों के चक्कर काटते रहते हैं और पटवारी की मंशानुसार जब सुविधाशुल्क दे दी जाती है तब महीनों बाद प्रतिवेदन दिया जाता है। विश्वनाथ साहू कुडिया, संदीप सिंह खड्डी, सुग्रीव साहू पडख़ुरी आदि कास्तकारों ने बताया कि स्टे देने के नाम पर 5 हजार रुपए एवं स्टे निरस्त कराने के नाम पर 10 हजार रुपए खुलेआम लिया जाता है। इसी तरह नामांतरण में 3 हजार रुपए, अविवादित बंटवारा में 10 हजार रुपए, सीमांकन में 5 हजार, बेदखली का आदेश पारित कराने पर 3 हजार रुपए, नक्सा-खसरा तरमीम सुधार में 5 से 10 हजार रुपए कास्तकारों से वसूला जा रहा है। तो वहीं जाति प्रमाणपत्र बनावाने के नाम पर 500 रुपए, ईडब्ल्यूएस में 500 से लेकर 1 हजार रुपए तक छात्र-छात्राओं से आपरेटर के द्वारा वसूला जा रहा है। इतना ही नहीं सीमांकन करने के नाम पर पटवारी आरआई 5 हजार रुपए से 10 हजार रुपए वसूल रहे हैं। स्थगन के प्रतिवेदन में 3 से 5 हजार रुपए, नामांतरण करने के नाम पर 5 से 10 हजार रुपए, प्रतिवेदन देने के नाम पर 2 हजार रुपए से 5 हजार रुपए तक वसूला जा रहा है। प्रदीप कुमार तिवारी पिता स्व. राधिका प्रसाद तिवारी ग्राम पडख़ुरी ने ईडब्ल्यूएस में आपरेटर द्वारा पैसे की मांग किए जाने संबंधित शिकायत तहसीलदार रामपुर नैकिन से किए जाने के बाद भी संबंधित आपरेटर के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है। कलेक्टर की जन सुनवाई में आए दिन रामपुर नैकिन तहसील की अव्यवस्थाओं को लेकर हितग्राहियों द्वारा शिकायत की जाती है। इन सब के बाद भी तहसील कार्यालय रामपुर नैकिन में दलालों का बोलबाला बना हुआ है।
शासकीय भूमि के अतिक्रमण हटाने पर नहीं लेते रुचि
तहसील रामपुर नैकिन में सैकड़ों शासकीय भूमि में अतिक्रमण संबंधित प्रकरण लंबित हैं जिनमें कलेक्टर व एसडीएम के निर्देश के बावजूद भी तहसील कार्यालय के द्वारा शासकीय भूमि में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई नहीं की जाती। आरआई एवं पटवारियों के द्वारा अतिक्रमण संबंधित प्रतिवेदन देने के बाद भी अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई संबंधित जन को नोटिस जारी करने तक सीमित होकर रह जाती है। कई शासकीय भूमि में अतिक्रमण संबंधित मामलों में कलेक्टर स्वयं संज्ञान में लेते हुए तहसीलदार रामपुर नैकिन को अतिक्रमण हटाने के निर्देश दे चुके हैं। इसके बावजूद भी अतिक्रमण हटाने संबंधित कलेक्टर के निर्देश लिपिकों के आलमारियों में कैद हो गए हैं। तहसील कार्यालय रामपुर नैकिन में इन दिनों भारी अव्यवस्थाओं का आलम है। यहां पदस्थ लिपिक एवं आपरेटर स्वयं तहसीलदार बने हुए हैं। जिसके कारण जहां एक ओर तहसील कार्यालय रामपुर नैकिन से आम जनता काफी परेशान है वहीं दूसरी ओर न्याय व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
इनका कहना है।
तहसील कार्यालय के नाम पर यदि कोई व्यक्ति किसी कास्तकार से पैसे की मांग करता है तो कास्तकार सीधे मुझसे शिकायत कर सकते हैं। मैं स्वयं इन सब बातों की निगरानी करूंगा। यदि हमारे कार्यालय का कोई कर्मचारी इस तरह की घटनाओं को अंजाम दे रहा है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
आशीष मिश्रा, तहसीलदार
तहसील रामपुर नैकिन।



