सीधी दर्पण

माध्यमिक शाला जनकपुर में लाखों के घोटाले का खुलासा

सीधी जबलपुर दर्पण । जिले के जनकपुर विकासखंड अंतर्गत माध्यमिक शाला जनकपुर में भारी वित्तीय अनियमितता का मामला प्रकाश में आया है। सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत प्राप्त दस्तावेजों से खुलासा यह हुआ है कि वर्ष 2016 से 2024 तक विद्यालय में प्राप्त राशि, अनुदान, बिल-वाउचर, कैश बुक और खातों का कोई भी रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है।
वर्तमान में पदस्थ प्रधानाध्यापक द्वारा जिला शिक्षा अधिकारी को दी गई रिपोर्ट में सभी वित्तीय बिंदुओं पर अप्राप्त लिखा गया है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि पूर्व संस्था प्रमुख अनुराग पाठक के कार्यकाल में विद्यालय की आर्थिक व्यवस्था पूरी तरह अस्त-व्यस्त रही।
आरटीआई के जवाब में यह भी उल्लेख किया गया है कि न तो किसी प्रकार के खर्च का विवरण उपलब्ध है और न ही प्राप्त अनुदानों का उपयोग स्पष्ट रूप से दर्ज है। इससे यह संदेह गहरा गया है कि विद्यालय में मिली शासकीय राशि का गंभीर दुरुपयोग और गमन किया गया है।
सूत्रों के अनुसार जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अभिलेखों की जांच प्रक्रिया प्रारंभ कर दी है। यदि आरोप सत्य पाए गए तो शिक्षा विभाग में हड़कंप मचना तय है। स्थानीय नागरिकों और अभिभावकों ने भी इस मामले में उच्च स्तरीय जांच की मांग उठाई है ताकि विद्यालय की पारदर्शिता बहाल हो सके और दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो।
अभिभावकों में आक्रोश, उच्चस्तरीय जांच की मांग
जनकपुर क्षेत्र के अभिभावक और ग्रामीण अब आक्रोशित हैं। उनका कहना है कि विद्यालय के फंड का गबन केवल भ्रष्टाचार नहीं, बच्चों के भविष्य से सीधा खिलवाड़ है।
लोगों ने इस पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। आरोप है कि आठ वर्षों का लेखा-जोखा एक साथ गायब होना शिक्षा विभाग की निगरानी व्यवस्था पर गहरा प्रश्नचिह्न खड़ा करता है। उधर यह भी आरोप लगाया जा रहा है कि संकुल केंद्र खैरा के प्राचार्य की भी भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं, जिनकी जिम्मेदारी बनती है कि समय-समय पर विद्यालयों का निरीक्षण करना है। यदि नियमित जांच होती, तो यह घोटाला वर्षों तक दबा नहीं रह पाता।
इनका कहना है।
आवेदक द्वारा आरटीआई में मांगी गई जानकारी के संबंध में मुझे पूर्व प्रभारी से किसी भी प्रकार के अभिलेख प्राप्त नहीं हुए हैं। जितना मेरे पास था मैं उपलब्ध करा दिया हूं।
रुक्मणी द्विवेदी, प्रधानाध्यापक माध्यमिक शाला जनकपुर।
यदि इस तरह की शिकायत प्राप्त होती है तो मामले की जांच कर संबंधित के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
पवन सिंह, जिला शिक्षा अधिकारी सीधी।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

You cannot copy content of this page

situs nagatop

nagatop slot

kingbet188

slot gacor

SUKAWIN88