सैय्यद ताहिर अली की जिला कलेक्टर से गुहार

जबलपुर दर्पण। निकाह, विवाह, वलीमा, रिसेप्शन—ये ऐसे कार्यक्रम होते हैं जहाँ एक-एक वक्त में हज़ार-हज़ार लोग एक जगह मौजूद होते हैं। यदि कोई हादसा हो जाए तो एक साथ कितनी जानें जा सकती हैं… यह सोचकर ही मेरी रूह काँप जाती है। यह बात वरिष्ठ कांग्रेस नेता सैय्यद ताहिर अली के कही। उन्होंने आगे कहा, मुस्लिम क्षेत्रों के हों या शहर के दूसरे हिस्सों के—आज बारातघर संचालकों की मनमानी और लापरवाही इतनी बढ़ गई है कि किसी भी खौफ़नाक हादसे की संभावना लगातार बढ़ रही है। श्री ताहिर ने बताया, न अग्निशमन की व्यवस्था है, न लाइटिंग और सजावट में सुरक्षा मानक पूरे हो रहे हैं। एक बार लाइट लगाकर, टेंट लगाकर महीनों तक बिना मेंटेनेंस के खुले आसमान के नीचे कार्यक्रम चलाना—यह सीधे-सीधे एक बड़े हादसे को दावत देने जैसा है। बारातघर वाले करोड़पति हो रहे हैं और आम नागरिक मौत के मुँह की ओर धकेले जा रहे हैं।जिम्मेदारों की चौंकाने वाली खामोशी.. श्री ताहिर ने आरोप लगाया, इस पूरे मामले में सबसे भ्रष्ट और चौंकाने वाला रवैया नगर निगम और पुलिस प्रशासन का है। वहीं जिला प्रशासन की उदासीनता भी हैरान करने वाली है।



