जबलपुर दर्पण

समय मान वेतनमान से वंचितो दायर याचिका में जवाब तलब

जबलपुर दर्पण। मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति मनिंदर भट्टी की एकल पीठ ने एक राज्य सरकार के एक सर्कुलर की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए प्रमुख सचिव जल संसाधन विभाग, मुख्य अभियंता व अन्य को नोटिस जारी कर चार सप्ताह में जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है। इस याचिका में उस सरकारी आदेश को चुनौती दी गई है, जिसमें जल संसाधन विभाग के डिप्लोमाधारक सहायक अभियंताओं को 35 वर्ष की निर्बाध सेवा के बाद भी चतुर्थ कालावधि वेतनमान के लाभ से इस आधार पर वंचित रखा गया हैं क्योंकि उनके पास पदोन्नति हेतु आवश्यक स्नातक डिग्री नहीं है। याचिकाकर्ता प्रवीण शर्मा, राजू बामलिया एवं महेंद्र कुमार जैन ने याचिका में कहा कि वे सभी जल संसाधन विभाग में उप अभियंता के पद पर कार्यरत रहे हैं और सेवानिवृत्त हो चुके हैं। उन्होंने 35 वर्ष से अधिक की सेवा पूर्ण की है, और सभी ने तृतीय कालावधि वेतनमान का लाभ प्राप्त किया, किन्तु चतुर्थ कालावधि वेतनमान (अधीक्षण अभियंता के वेतनमान के समतुल्य) से उन्हें वंचित रखा गया हैं। याचिका में यह तर्क दिया गया कि यदि दो कर्मचारी एक ही पद पर समान कार्य करते हुए समान अवधि (35 वर्ष) तक सेवा देते हैं, तो केवल शैक्षणिक योग्यता के आधार पर एक को लाभ देने और दूसरे को वंचित रखने का तर्क कहाँ तक न्यायसंगत है। याचिकाकर्ताओ की ओर से अधिवक्ता प्रशांत अवस्थी, असीम त्रिवेदी, आनंद शुक्ला, विनीत टेहेनगुनिया, शुभम पाटकर , प्रशांत सिमोलिया ने पैरवी की।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

You cannot copy content of this page

situs nagatop

nagatop slot

kingbet188

slot gacor

SUKAWIN88