संतोष वर्मा पर एफआईआर में देरी सरकार की साजिश- उदय कमल

सीधी जबलपुर दर्पण । आईएएस संतोष वर्मा द्वारा 22 नवंबर को ब्राह्मण समाज की बहन-बेटियों को लेकर की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के विरोध में उठी आवाजें थमने का नाम नहीं ले रही हैं। घटना के पंद्रह दिन बीत जाने के बाद भी 6 दिसंबर तक एफआईआर दर्ज न होने से समाज में आक्रोश और गहरा हो गया है।ब्राह्मण समाज के प्रतिनिधियों और स्थानीय संगठनों ने कई बार ज्ञापन सौंपकर मामले में कठोर कार्रवाई की मांग की, लेकिन अब तक पुलिस या प्रशासन की ओर से कोई औपचारिक कदम न उठाए जाने पर इस मुद्दे में गम्भीर साजिश की संभावनाओं से इंकार नहीं किया जा सकता है। सीधी जिले के वरिष्ठ अधिवक्ता ,समाज सेवी उदय कमल मिश्र ने सरकार और प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि “ हिन्दी भाषी राज्यों में लगातार शिकायतों और सार्वजनिक विरोध के बावजूद भी एक एफआईआर दर्ज न होना सरकार के शीर्ष नेतृत्व की सोची-समझी साजिश हो सकती है।” उन्होंने दावा किया कि समाज की भावनाओं को आहत करने वाले मामले में अनावश्यक देरी से यह आशंका और मजबूत होती है कि प्रभावशाली पदों पर बैठे लोग उक्त मामले में कार्रवाई को रोकने की कोशिश कर रहे हैं, उन्होंने यह भी व्यक्त किया कि संतोष वर्मा पर कार्यवाही में देरी के कारण समाज में विकृत पैदा करने वाले संतोष वर्मा के समर्थन में अनुचित आवाज उठाने लगे हैं और शायद सरकार का श्रेष्ठ नेतृत्व इसी की प्रतीक्षा में भी था।
“कानून सबके लिए बराबर है, फिर देरी क्यों?”मिश्र ने यह भी कहा कि प्रदेश में आम नागरिकों पर छोटी-छोटी बातों में प्राथमिकी दर्ज कर उन्हें जेल में डाल दिया जाता है, ऐसे में एक उच्च पदस्थ अधिकारी के मामले में लंबा इंतजार कई तरह के प्रश्न खड़े करता है,उन्होंने कहा कि यदि प्रशासन जल्द कार्रवाई नहीं करता तो सामाजिक संगठनों का सरकार की कार्यप्रणाली से विश्वास समाप्त हो जायेगा और उन परिस्थितियों में बड़े आंदोलन की रूपरेखा बन सकती हैं।सामाजिक संगठनों में नाराजगी दिनों दिन बढ़ रही हैं,ब्राह्मण समाज के स्थानीय लोगों का कहना है कि यह सिर्फ एक समुदाय का मामला नहीं, बल्कि “महिलाओं की गरिमा और सरकारी की जवाबदेही” से जुड़ा मुद्दा है।
म,प्र, के मुख्यमंत्री की चुप्पी पर भी सवाल पैदा हो रहें हैं मामले पर सरकार और जिला प्रशासन की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, जिससे स्थिति और अस्पष्ट बनी हुई है।म,प्र, के मुख्यमंत्री की चुप्पी और एफ आई आर दर्ज न होने से आम नागरिकों के बीच भी असंतोष बढ़ता दिखाई दे रहा है,ब्राह्मण समाज के लोगों का मत है कि जब तक म,प्र, सरकार उचित कार्रवाई नहीं करती,तब तक आंदोलन और विरोध प्रदर्शन का क्रम जारी रहेगा।



