एनटीपीसी विंध्याचल में ‘संवाद सेतु’ का शुभारंभ — भविष्य के नेतृत्व निर्माण की ओर एक महत्वपूर्ण कदम

जबलपुर दर्पण। सिंगरौली एनटीपीसी विंध्याचल में “संवाद सेतु” नामक विशेष हस्तक्षेप कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया, जिसका उद्देश्य एनटीपीसी की दीर्घकालिक मेंटरिंग प्रणाली “अंकुर” को और अधिक प्रभावी एवं परिणामोन्मुख बनाना है। वर्ष 2000 में प्रारंभ हुई अंकुर प्रणाली नए कर्मचारियों को संगठन में समन्वयन, सांस्कृतिक अनुकूलन तथा कैरियर मार्गदर्शन प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती रही है। एनटीपीसी के बढ़ते कार्यबल और युवा पेशेवरों की संख्या को देखते हुए संवाद सेतु को अधिक संरचित, ट्रैक योग्य एवं सहभागिता आधारित मेंटरिंग यात्रा के रूप में विकसित किया गया है। यह कार्यक्रम सीओई-एचआर द्वारा डिज़ाइन किया गया है तथा एसएचआरएम इंडिया द्वारा संचालित किया जा रहा है। कार्यक्रम में इन-पर्सन वर्कशॉप, वर्चुअल सेशन, पखवाड़ेवार मेंटर–मेंटी संवाद, ई-मेंटोरिंग प्लेटफॉर्म और समय-समय पर प्रभाव आकलन शामिल हैं।उद्घाटन समारोह आरएलआई विंध्याचल में आयोजित किया गया, जिसकी शुरुआत दीप प्रज्वलन एवं एनटीपीसी गीत के साथ हुई। कार्यक्रम में संजीब कुमार साहा, परियोजना प्रमुख (विंध्याचल) मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। वरिष्ठ प्रबंधन टीम में ए.जे. राजकुमार, महाप्रबंधक (प्रचालन एवं अनुरक्षण), एम. सुरेश, महाप्रबंधक (मेंटेनेंस एवं एडीएम), एस.के. सिन्हा, महाप्रबंधक (प्रचालन एवं एफएम), डॉ. बी.के. भराली, महाप्रबंधक (चिकित्सा), डॉ. देबस्मिता त्रिपाठी, अपर महाप्रबंधक (आरएलआई) एवं मृणालिनी, अपर महाप्रबंधक (मानव संसाधन) शामिल रही। इसके अतिरिक्त अमित कुमार, उप महाप्रबंधक (मानव संसाधन-सीओई) तथा एसएचआरएम से बॉस्को डिमेलो (विषय विशेषज्ञ) एवं मेहक गुप्ता (सीनियर कंसल्टेंट) सहित सभी मेंटर्स, मेंटीज़ एवं मानव संसाधन टीम की सहभागिता रही। विंध्याचल को इस संरचित मेंटरिंग पायलट प्रोजेक्ट के लिए चुना गया है, जिसके तहत 30 मेंटर्स और मेंटीज़ को इस तीन माह की यात्रा हेतु नामित किया गया है। अगले चार दिनों तक (12 दिसंबर 2025 तक) मेंटर्स और मेंटीज़ संचार, विश्वास, सहयोग और मूल्य-आधारित नेतृत्व को बढ़ाने पर केंद्रित सेशन में भाग लेंगे, जिससे एनटीपीसी की कार्यसंस्कृति और भविष्य के नेतृत्व निर्माण को और मजबूत दिशा मिलेगी।



